हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'जुमे की नमाज और बसंत पंचमी की पूजा दोनों होंगी', धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला

‘1 से 3 बजे के बीच पढ़ सकते हैं नमाज, अलग होगी व्यवस्था’, भोजशाला मामले में SC में MP सरकार का सुझाव

विज्ञापन
धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला

धार भोजशाला में 23 जनवरी दिन शुक्रवार को बसंत पचंती पर हिंदू प्रोग्राम होगा या मुस्लिम नमाज पढ़ेंगे, इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि 23 जनवरी को धार भोजशाला में नमाज और बसंत पंचमी की पूजा साथ-साथ होगी. मुस्लिम समुदाय के लोग एक से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने आ सकेंगे और हिंदू लोग भी पूजा कर सकेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि नमाज और बसंत पंचमी की पूजा के लिए भोजशाला के अंदर ही अलग-अलग व्यवस्था की जाए. 2 अलग-अलग पंडाल लगाकर बैरिकेडिंग करके कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और आने जाने की हगल व्यवस्था भी की जाए. दोनों समुदायों के लोग से भी सुप्रीम कोर्ट ने अपील की कि वे अपने-अपने कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से निपटाएं.

यह भी पढ़ें: ‘पब्लिसिटी के लिए याचिका दायर न करें’, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को क्यों लगाई फटकार?

विज्ञापन

हिंदू और मुस्लिम समुदाय ने रखा अपना पक्ष

बता दें कि 23 जनवरी के लिए दोनों समुदायों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की और मामले में तीनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की. बसंत पंचमी की पूजा करने वाले पक्ष की तरफ से कहा गया कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा होगी, इसके लिए कोई समय निर्धारित न किया जाए. मुस्लिम पक्ष के तरफ से कहा गया कि जमे की नमाज का समय 12:30 बजे तय होता है. सुप्रीम कोर्ट केवल नमाज के लिए समय दे, उसके बाद और पहले पूजा पाठ हो, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है.

सरकार की ओर से दिया गया था ये सुझाव

बता दें कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर अपना पक्ष रखा. सरकार ने सुझाव दिया कि मुस्लिम समाज के लोग 1 से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने आ सकते हैं और उनके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी. हिंदू समाज की पूजा के लिए उसी कैंपस में अलग से व्यवस्था की जाएगी. राज्य सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि दोनों कार्यक्रमों के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बरकरार रखी जाएगी. माहौल न बिगड़े, इसके लिए हरसंभव इंतजाम किए जाएंगे.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: बेटे की ‘विधवा’ के गुजारे भत्ते पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ससुर को अपनी प्रॉपर्टी से देना होगा मेंटेनेंस

23 साल से चल रहा भोजशाला का विवाद

बता दें कि धार भोजशाला पिछले 23 साल से विवादित है. इसके ढांचे को लेकर विवाद है. हिंदू समुदाय को लोग इसे माता सरस्वती का मंदिर कहते हैं और मुस्लिम समुदाय के लोग इसे मस्जिद कहते हैं. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इसके विवादित ढांचे की रक्षा करता है. वहीं सांप्रदायिक विवाद न हो, इसलिए मंदिर में जहां हिंदुओं के लिए पूजा करने का दिन मंगलवार तय किया गया है, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोग हर शुक्रवार भोजशाला में आकर जुमे की नमाज पढ़ सकते हैं. इस बार 23 जनवरी को शुक्रवार होने के नाते दोनों समुदाय प्रोग्राम करना चाहते हैं.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola