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चीतों की शिफ्टिंग का फ्यूचर प्लान तैयार, कूनो से MP की इस जगह पर किए जा सकते हैं शिफ्ट

Kuno Cheetah Project: कूनो नेशनल पार्क में अब तक 9 चीतों की मौत हो चुकी है। जिससे सरकार की चिंता बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि कूनो से चीतों की शिफ्टिंग की प्लानिंग पर भी काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही चीतों को शिफ्ट किया जा सकता है। […]

Kuno Cheetah Project
Kuno Cheetah Project: कूनो नेशनल पार्क में अब तक 9 चीतों की मौत हो चुकी है। जिससे सरकार की चिंता बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि कूनो से चीतों की शिफ्टिंग की प्लानिंग पर भी काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही चीतों को शिफ्ट किया जा सकता है। क्योंकि चीतों की शिफ्टिंग का फ्यूचर प्लान तैयार हो रहा है।

नौरादेही अभ्यारण में शिफ्ट हो सकता चीता

बताया जा रहा है कि चीतों को कूनो नेशनल पार्क से सागर जिले में आने वाले वाइल्ड लाइफ सैंचुरी में शिफ्ट किया जा सकता है। क्योंकि यह अभ्यारण चीतों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण और भारतीय वन्य-जीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने इसका अध्यन किया था। अध्ययन के बाद भविष्य में नौरादेही वन्य-जीव अभयारण्य को चीतों के लिये उपयुक्त क्षेत्र माना गया है।

मंत्री ने भी लिखा है पत्र

ऐसे में चीता एक्शन प्लान के तहत चीतों को भविष्य में नौरादेही वन्य-जीव अभयारण्य में शिफ्ट किया जा सकता है। खास बात यह है कि चीतों की शिफ्टिंग के लिए शिवराज सरकार में सीनियर मंत्री गोपाल भार्गव ने भी 23 जून को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा था, जिसमें नौरादेही अभयारण्य को चीता पुनर्स्थापना के लिये चयनित किये जाने का अनुरोध किया था। पत्र के बाद केंद्रीय एजेंसियों ने नौरादेही अभयारण्य का अध्ययन कर शिफ्टिंग की सहमति दी है। जिसके बाद भविष्य में चीतों की शिफ्टिंग यहां की जा सकती है।

9 चीतों की हो चुकी है मौत

दरअसल, कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से 20 चीते लाए गए थे। जिनमें से अब तक 6 चीतों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा तीन शावकों की भी मौत हो चुकी है। अब तक चीतों की मौत की कई वजह सामने आ चुकी हैं। फिलहाल कूनो नेशनल पार्क में सभी चीतों को खुले जंगल से अलग बड़े बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया है। ये भी देखें: Agar Malwa में बारिश के लिए भगवान से ग्रामीणों का हठ, बारिश नहीं होने पर भोलेनाथ का जलाभिषेक


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