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भिंड जिले में लड़की ने निगला मोबाइल, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला, जानिए पूरा मामला

Gwalior: ग्वालियर से कर्ण मिश्रा की रिपोर्ट। ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के अमायन कस्बे में एक लड़की ने नाराज होकर मोबाइल निगल लिया। इस घटना से परिजन सकते में आ गए और आनन-फानन में लड़की को लेकर भिंड जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन मामले की […]

Bhind district girl swallowed the mobile doctors
Gwalior: ग्वालियर से कर्ण मिश्रा की रिपोर्ट। ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के अमायन कस्बे में एक लड़की ने नाराज होकर मोबाइल निगल लिया। इस घटना से परिजन सकते में आ गए और आनन-फानन में लड़की को लेकर भिंड जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए भिंड से युवती को तत्काल ग्वालियर रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने लड़की का ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन कर बाहर निकाला

ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती के पेट में फंसे मोबाइल को ऑपरेशन कर बाहर निकाल लिया। वक्त रहते युवती का ऑपरेशन नहीं होता तो उसकी जान को भी खतरा हो सकता था।

गुस्से में निकला मोबाइल

बताया जा रहा है कि घर में युवती का किसी बात को लेकर परिवार जनों से झगड़ा हुआ था, झगड़ा इतना बड़ा की युवती ने गुस्से में आकर कीपैड वाला मोबाइल मुंह में डालकर निगल लिया। युवती के मोबाइल निगलते ही उसके परिवार में हड़कंप मच गया, परिजन उसे पहले भिंड के अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवती को तत्काल ग्वालियर ले जाने को कहा। भिंड से रेफर होकर युवती को परिवार के लोग ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल लेकर पहुंचे।

डेढ़ घंटे तक चला ऑपरेशन

अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने जांच की तो युवती के आमाशय में मोबाइल अटका हुआ था। सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की टीम ने जांच की तो मोबाइल युवती के पेट में उतरने के बाद आमाशय में जाकर फंस गया। मोबाइल को बाहर निकालने का एकमात्र रास्ता ओपन सर्जरी था। आखिर में डॉक्टरों ने ओपन सर्जरी कर मोबाइल बाहर निकालने का फैसला किया। सर्जरी विभाग में करीब आधा दर्जन डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाला। लगभग डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन चला, इसके बाद डॉक्टरों ने युवती के पेट से मोबाइल बाहर निकाल लिया। यह पहला मौका है कि जब जेएएच में इस तरह का ऑपरेशन हुआ है। जयारोग्य अस्पताल के अधीक्षक डॉ आर के एस धाकड़ ने बताया की युवती को वक्त रहते अस्पताल नहीं लाया जाता तो उसके जीवन को संकट हो सकता था।


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