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कंगना रनौत की मुश्‍क‍िलें बढ़ीं! आजादी वाले बयान पर कोर्ट ने भेजा नोट‍िस

Kangana Ranaut Gets Notice: बीजेपी सांसद बनी अभ‍िनेत्री कंगना रनौत अब एक बार फिर से मुश्किल में पड़ गई हैं, जहां उन्हें जबलपुर कोर्ट से एक नोटिस मिला है।

Kangana Ranaut
Kangana Ranaut Gets Notice: बीजेपी सांसद बनी अभ‍िनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों की वजह से लगातार मुश्‍क‍िल में घ‍िरती जा रही हैं। ऐसे ही एक व‍िवाद‍ित बयान में जबलपुर कोर्ट ने उन्‍हें नोट‍िस भेजा है। कोर्ट ने मामले में कंगना रनौत को नोट‍िस जारी कर द‍िया है। अब मामले में अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी। उनको लेकर शिकायतकर्ता अधिवक्ता अमित साहू का कहना है कि कंगना के बयान से न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान हुआ है बल्कि हर भारतीय को ठेस भी पहुंची है। उन्होंने आगे कहा कि उनका यह बयान देश के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले अमर सेनानियों का अपमान है। अमित साहू ने आगे क्या कहा? उन्होंने आगे कहा, 'उनका यह बयान निंदनीय है और हमें इससे काफी बुरा लगा। भारत देश की आजादी के लिए लाखों करोड़ों लोगों ने आहुति दी है, तब जाकर हमें अंग्रेजों के खिलाफ आजादी मिली है। इसको लेकर हमने शिकायतें की और कोर्ट के सामने बात रखी। माननीय न्यायालय ने इस पर सुनवाई की है और अभिनेत्री कंगना रनौत को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई पांच नवंबर है।' यह भी पढ़ें: हुड्डा-शैलजा के बाद हर‍ियाणा CM पद की रेस में कौन सा तीसरा नया नाम हुआ शामिल?

कंगना रनौत ने क्या कुछ कहा था?

बता दें कि कंगना ने साल 2021 में कहा था कि 1947 में भारत को मिली आजादी, आजादी नहीं भीख थी। असली आजादी तो 2014 में मिली है। उनके इस बयान पर जमकर बवाल मचा था, जहां सभी वर्ग के लोगों के रिएक्शन सामने आए थे। कई राज्यों में उनके बयान के खिलाफ केस भी दर्ज करवाए गए थे।

शंकराचार्य पर सवाल उठा चुकीं है कंगना

अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली कंगना ने इस साल जुलाई में शंकराचार्य पर भी सवाल खड़े किए थे। तब उन्होंने महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों की टूट और एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने पर लिखा था कि राजनीतिज्ञ राजनीति नहीं करेगा तो क्या गोलगप्पे बेचेगा। उन्होंने इसी मुद्दे से जुड़े एक पोस्ट में कहा था कि शंकराचार्य जी ने महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री जी को अपमानजनक शब्दावली से गद्दार, विश्वासघाती जैसे आरोप लगाते हुए हम सबकी भावनाओं को ठेस पहुचाई है, शंकराचार्य जी इस तरह की छोटी और ओछी बातें करके हिन्दू धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। यह भी पढ़ें: हरियाणा में कांग्रेस को बढ़त लेकिन जम्मू-कश्मीर में फंसेगा पेच! क्या कहता है CSDS का चुनावी सर्वे?      


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