झारखंड में होगी माइनिंग टूरिज्म की शुरुआत, सीसीएल के साथ हुआ समझौता
Author: News24 हिंदी
Jul 21, 2025 11:35 PM IST
Jharkhand News: झारखंड में टूरिज्म के लिए अब नया रास्ता खुल गया है। प्रदेश में अब माइनिंग टूरिज्म की शुरुआत होने जा रही है। सोमवार को झारखण्ड मंत्रालय स्थित कान्फ्रन्स हॉल में झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (JTDC) एवं सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के बीच खान पर्यटन (Mining Tourism) को लेकर एमओयू साइन हुआ। पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि खनन पर्यटन झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र और इसके समृद्ध इतिहास पर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान करेगा। समारोह में सीसीएल की ओर से अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक निलेंदु कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पर्यटन निदेशालय की ओर से निदेशक पर्यटन विजया जाधव, JTDC के प्रबंध निदेशक प्रेम रंजन सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
दिखेगी इंडस्ट्री की ताकत
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि खनन पर्यटन न केवल हमारे राज्य की औद्योगिक ताकत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि पर्यटकों को ऊर्जा क्षेत्र और इसके समृद्ध इतिहास पर एक अनूठा दृष्टिकोण भी प्रदान करेगा। यह ऐतिहासिक अवसर झारखंड राज्य की दूरदर्शी सोच और साहसी निर्णयों का परिणाम है। आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को हार्दिक बधाई देता हूं, जिनके नेतृत्व में झारखंड ने पर्यटन, उद्योग और सांस्कृतिक विरासत को नए आयाम देने के लिए प्रयासरत है। यह साझेदारी झारखंड के पर्यटन सफर में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
उत्तर उरीमारी माइंस से शुरू होगा टूरिज्म
झारखंड सरकार और सीसीएल के बीच समझौते में बताया गया कि माइनिंग टूरिज्म की शुरुआत उत्तर उरीमारी माइंस से होगी। इसके बाद भविष्य में अन्य स्थानों को भी इससे जोड़ा जाएगा। दोनों के बीच यह समझौता 5 सालों के लिए हुआ है। इसे आगे भी 5 सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है। झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड पर्यटकों की बुकिंग करेगा। प्रति सप्ताह दो दिन खनन पर्यटन की सुविधा प्रदान करेगा। 10-20 व्यक्तियों को समूह जा सकेगा। सभी पर्यटकों को खनन में जाने से पहले सीसीएल के नियमों, सुरक्षा निर्देशों एवं स्वास्थ्य मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। एंट्री के लिए सीसीएल अंतिम अनुमति दी जाएगी। सीसीएल ही पर्यटकों को खनन की कार्यप्रणाली समझाने के लिए गाइड उपलब्ध कराएगा।