शिमला: शिमला के कोटगढ़ में दमघुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई है और सात अन्य अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस के अनुसार घटना जरोल पंचायत की है। यहां कुछ मजदूर एक निर्माणधीन मकान में काम कर रहे थे। शुक्रवार रात ठंड लगने पर उन्होंने एक बाल्टी में कोयला सुलगा लिया और सो गए।
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जिसके बाद शनिवार सुबह जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो आसपास के लोगों ने अंदर जाकर देखा। अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। अंदर दो लोग मृत पड़े थे और सात जिंदगी और मौत से लड़ रहे थे।
धुंए से दमघुटने से बीमार सभी लोगों का इलाज चल रहा है। मरने वालों की पहचान कर ली गई है। उनके परिजनों से संपर्क कर मामले में आगे की जांच की जा रही है।
दमघुटने से ऐसे मौत
दरअसल, धुएं में कार्बन डायऑक्साइड और मीथेन जैसी गैस होती है। जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। फेफड़े ऑक्सीजन की जगह आ रही इन गैसों को खून में पहुंचाने लगते हैं। इन गैसों के शरीर में पहुंचने से कोशिकाएं मरने लगती हैं और इंसान की मौत हो जाती है।
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