गुजरात के अहमदाबाद में आज कांग्रेस का 84वां अधिवेशन हो रहा है। गुजरात के अहमदाबाद में 64 साल बाद आज से कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हो रहा है। इससे पहले 1961 में भावनगर में अधिवेशन हुआ था। कांग्रेस अधिवेशन में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भी पार्टी की तरफ से आमंत्रित किया गया है। अध्यक्ष पद से अखिलेश सिंह की छुट्टी और बिहार में कन्हैया कुमार की एंट्री के बाद अब पप्पू यादव का अधिवेशन में शामिल होना बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरु का बड़ा फैसला माना जा रहा है।
पप्पू यादव विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर हुए शामिल
पप्पू यादव कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल हुए। अधिवेशन में जाने से पहले पटना में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अधिवेशन है और मुझे स्पेशल इनवाइट मिला है। मैं अपने कर्तव्यों का पालन एक वर्कर के नाते करूंगा। पप्पू यादव कांग्रेस महाधिवेशन में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल हुए। अहमदाबाद आने के लिए उन्हें बुलावा भेजना, वो भी ऐसे समय में आरजेडी पप्पू यादव की कांग्रेस की निकटता से असहज है, बिहार में नए समीकरण को जन्म दे रही है।
'कांग्रेस आरजेडी के साथ अपमानित फील करती है'
News24 से बातचीत में पप्पू यादन ने अधिवेशन के बाद कहा कि कांग्रेस ही पिछड़ों और ओबीसी की आवाज बनेगी और कांग्रेस बिहार में आरजेडी के साथ अपमानित फील करती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट आरजेडी से बेहतर है तो फिर बड़ा भाई किसको माना जाए? कांग्रेस को पिछले चुनाव में लड़ने के लिए 70 में 35 सीट ऐसी दी गई जिसपर महागठबंधन कभी नहीं जिता। कांग्रेस को अपमानित किया जाता है, वर्कर बोलता नहीं है लेकिन अपमान महसूस करता हैष
इसके साथ ही निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'जिस तरह से गुजरात में संविधान, दलितों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों आदि पर हमले हो रहे हैं और लोगों की संपत्ति पर केवल कुछ लोगों का अधिकार है, अब कांग्रेस और राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे उनके लिए लड़ाई शुरू करें।'
'बिहार बीमार और विकलांग चल रहा है'
वहीं, कांग्रेस सचिव और कटिहार जिले के कोढा के पूर्व विधायक बिहार से प्रतिनिधि पूनम पासवान ने वक्ता के तौर पर AICC महाधिवेशन में कहा कि आजकल बिहार बीमार और विकलांग चल रहा है। बिहार में कई दलितों की पार्टी के नेता हैं जो कहते हैं कि हम दलित और पिछड़ा समाज के उत्थान के लिए हैं, लेकिन वे सिर्फ परिवारवाद के उत्थान के लिए हैं अपने बेटे और परिवार के उत्थान के लिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में बहुत सी पार्टियां दलितों की मददगार बनने का स्वांग करती हैं, लेकिन सब अपने आप को अपने परिवार को अपने बेटे को बढ़ावा देने में लगी रहती हैं। उन्होंने कहा कि दलितों के नेता तो सभी बनते हैं, लेकिन अगर कोई दलितों की लड़ाई लड़ रहे हैं तो वे राहुल गांधी है, जो दलितों और पिछड़ों के न्याय की बात करते हैं। मंच से आधिकारिक वक्ता के तौर पर पूनम पासवान का ये भाषण आरजेडी और लालू- तेजस्वी पर कटाक्ष के तौर पर लिया जा रहा है।
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