गुजरात के जूनागढ़ में पुलिस ने 305 करोड़ रुपये के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा किया है. बीजेपी के मौजूदा पार्षद अब्बास कुरेशी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. गिरोह का दुबई और क्रिप्टोकरेंसी कनेक्शन सामने आया है.
जूनागढ़ पुलिस ने सुक्नाथ चौक पर रीकंस्ट्रक्शन किया, जहां आरोपी लंगड़ाते हुए चले और जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी. गिरोह ने 192 किराए के बैंक खाते चलाए, जिनमें 52 जूनागढ़ के. ठगी के पैसे आंगड़िया से भावनगर भेजे जाते, क्रिप्टोकरेंसी में बदले जाते, फिर दुबई ट्रांसफर.
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पार्षद अब्बास कुरेशी पर 12 पुराने केस—हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, पुलिस पर हमला. गैंग पर कुल 14 से ज्यादा मुकदमे.
घरों की तलाशी में पासपोर्ट, चेकबुक, डिजिटल दस्तावेज बरामद. पहली बार सत्ताधारी पार्टी के पार्षद पर गुजसीटोक—गुजरात कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत केस भी दर्ज हुआ है . डीवाईएसपी रविराजसिंह परमार ने पीड़ितों से निडर होकर शिकायत करने की अपील की साथ ही दुबई कनेक्शन और बाकी आरोपी की जांच तेज कर दी गई है .
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