गुजरात में पहली बार 5.85 करोड़ कीमत का कोबरा सांप का जहर पकड़ा गया है , ये जहर बेचने जा रहे 7 आरोपियों को सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने धर दबोचा है . करीब 6.5 मिली कोबरा वेनम की यह खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति मिली 90 लाख रुपये की बिकती है. आरोपी इसे लसकाणा और सर्थाणा इलाकों में बेचने की तैयारी में थे. और ग्राहकों की तलाश कर रहे थे तभी सूरत SOG ने जाल बिछाकर सभी को दबोच लिया .
पकड़े गए 7 आरोपियों में सूरत के 2 और वडोदरा के 5 लोग शामिल. पूछताछ में खुलासा हुआ कि अहमदाबाद RTO सर्कल के घनश्याम सोनी ने वडोदरा के प्रशांत और मकरंद को यह जहर बेचने के लिए दिया था. सोनी मुख्य सूत्रधार है, जो अभी फरार चल रहा.
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गौरतलब है कि सूरत SOG टीम को खबर मिली थी कि कुछ लोग कोबरा वेनम बेचने की पैरवी कर रहे हैं. यह गैंग सूरत में मैरेज ब्यूरो चलाने वाले मनसुख घीनैया के संपर्क में था, सूरत में मैरेज ब्यूरो चलाने वाले मनसुख घीनैया के जरिए 9 करोड़ रु की डील फाइनल हो गई थी. जिसमें हर आरोपी को कमीशन मिलना था, लेकिन डील से ठीक पहले SOG ने सभी को पकड़ लिया .
सांप का जहर ब्लडप्रेशर-हार्ट दवाओं और एंटीवेनम में इस्तेमाल होता है, लेकिन युवा इसे रेव पार्टियों में नशे के लिए गैरकानूनी तौर पर ले रहे हैं. इसके अलावा सांप काटने के इलाज में एंटीवेनम के रूप में भी इसका उपयोग होता है.
इस मामले में वांछित घनश्याम सोनी को गिरफ्तार करने के लिए टीमें सक्रिय हैं. दूसरी ओर वन विभाग भी जांच में शामिल हो गया है. लैब रिपोर्ट आने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी.
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