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सामने था शातिर कातिल फिर भी 13 महीने तक पुलिस थी परेशान! दृश्यम स्टाइल में हुई थी महिला हत्या

Gujarat Crime News : गुजरात के जूनागढ़ में 13 महीने बाद एक महिला की हत्या का मामला सुलझा। पुलिस ने आरोपी हार्दिक सुखाड़िया को गिरफ्तार कर लिया और कुएं से महिला का कंकाल बरामद किया। जानें, कैसे पुलिस ने केस को सुलझाया।

Gujarat Crime News : अजय देवगन की फिल्म "दृश्यम" तो आपने देखी होगी, इसी फिल्म की तरह गुजरात के जूनागढ़ से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने तेरह महीने बाद महिला के कातिल को खोज निकाला है और महिला के कंकाल को भी बरामद कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि कातिल पुलिस के सामने ही था, लेकिन कोई सबूत ना होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

फोरेंसिक टेस्ट में भी नहीं पकड़ा गया आरोपी

महिला के कातिल पर पुलिस को शक भी था, पूछताछ भी हुई थी, उसकी दो जांच भी करवाई गई, लेकिन उसने सभी को धोखा दे दिया। आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी 28 साल के हार्दिक सुखाड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। हार्दिक कई महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा, यहां तक ​​कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) गांधीनगर में लेयर वॉयस एनालिसिस (एलवीए) टेस्ट भी पास कर गया। बता दें कि यह टेस्ट आमतौर पर किसी संदिग्ध की मानसिक स्थिति और भावनात्मक संकेतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए किया जाता है। मामला जूनागढ़ के विसावदर तालुका के रूपावती गांव का है। यहां की रहने वाली 35 साल की दया सावलिया अचानक लापता हो गई थी। उसके पास 9.60 लाख रुपये से ज्यादा के गहने और नकदी थे। महिला के पति वल्लभ ने विसावदर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि गांव का ही रहने वाला हार्दिक दया के साथ संबंध रखने में दिलचस्पी नहीं रखता था। यह भी पढ़ें : 18वें बर्थडे से पहले बेटे का कत्ल कर बोली मां-यही उसका गिफ्ट, इतनी बेरहमी क्यों?

मुख्य आरोपी पुलिस को करता रहा गुमराह

इसके बाद हार्दिक पुलिस की रडार पर था। हालांकि, वह पुलिस को यह कहकर गुमराह करता रहा कि दया राहुल नाम के एक व्यक्ति के साथ भाग गई है, जिसके साथ उसका अवैध संबंध था। हार्दिक ने खुद को बचाने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भी बंद कर दिया था। हार्दिक को लगा कि अब वह इस मामले में बच गया है, क्योंकि घटना कई महीने पुरानी हो चुकी थी और पुलिस के हाथ खाली थे। यह भी पढ़ें : जेलेंस्की और ट्रंप के बीच बहस के दौरान क्या कर रही थी यूक्रेनी राजदूत? वीडियो हो रहा वायरल इसके बाद इस मामले की जांच स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) को सौंपी गई। दया को खोजने के लिए कई टीमें बनाई गईं। पुलिस ने कुछ सबूतों और जांच की रिपोर्ट के आधार पर एक खास रणनीति के तहत हार्दिक से कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि दया संबंध बनने के बाद रिश्ते को आगे बढ़ाने पर जोर देती थी, इसीलिए उसने हत्या करने की योजना बनाई थी। वह उसे सुनसान इलाके में ले गया और दया की हत्या कर दी। फिर शव को एक कुएं में फेंक दिया। 27 फरवरी को हार्दिक की निशानदेही पर पुलिस ने दया के कंकाल को बरामद कर लिया और उसे जांच के लिए भेज दिया है।


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