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50 फीट गहरे बोरवेल में फंसी बच्ची की मौत; गुजरात में दर्दनाक हादसा, जानें कैसे जिंदगी की जंग हारी बच्ची?

Amreli Borewell Accident Update: गुजरात के अमरेली जिले के सुरगापारा गांव में करीब 100 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची जिंदगी की जंग हार गई है। उसे रेस्कयू टीम ने बोरवेल से निकाल लिया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है?

Gujarat Amreli Borewell Accident Baby Girl Died
Gujarat Amreli Borewell Accident Update: गुजरात से दिल तोड़ने वाली खबर सामने आई है। बीते दिन अमरेली जिले के सुरगापारा गांव में करीब 100 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची जिंदगी की जंग हार गई है। करीब 17 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज सुबह करीब 4 बजे बच्ची को बोरवेल से निकाला गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू टीम उसे अस्पताल लेकर गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची को मृत हालत में ही बोरवेल से निकाला गया था। वह करीब 50 फीट की गहराई पर फंसी थी। बच्ची की मौत होने से मां-बाप बेहाल हैं। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसास्थल एंबुलेंस 108, फायर ब्रिगेड, NDRF की टीमें मौजूद थीं। बच्ची तक ऑक्सीजन भी पहुंचाई गई थी, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। यह भी पढ़ें:आग लगी है भागो और…घबराकर ट्रेन से कूदने लगे पैसेंजर; 3 मालगाड़ी से कटे, पटरी पर चिथड़े मिले; कहां-कैसे हुआ हादसा?

बच्चों को साथ खेलते समय हुआ हादसा

फायर ब्रिगेड के अधिकारी HC गढ़वी ने बताया कि बच्ची अपने पिता करणभाई और मां के साथ खेत में थी। वे कपास लगा रहे थे। बच्ची को दूध पिलाकर दूसरी बच्चियों के साथ खेलने के लिए छोड़ा था। इस बीच उन्हें चिल्लाने की आवाज आई। वे दौड़कर आए तो दूसरे बच्चों ने बताया कि वह बोरवेल में गिर गई है। उन्होंने सरपंच को हादसे की सूचना दी। अपने स्तर पर बच्ची को बोरवेल से निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF की टीम को भी बुलाया गया, जिनकी जांच के बाद पता चला कि बच्ची करीब 50 फीट की गहराई पर फंसी है। उन्होंने बच्ची तक कैमरा पहुंचाया, तब पता चला कि बच्ची के दोनों हाथ नीचे हैं। वह सीधी फंसी है। उसकी नाक और आंखें दिख रही हैं। यह भी पढ़ें:29000 फीट ऊंचाई, अचानक जहाज में बम फटा और 3 टुकड़े हो गए, आरोपियों समेत 81 पैसेंजरों के मिले चिथड़े

रोबोट मशीन के जरिए निकाली गई बच्ची

अधिकारी ने बताया कि बच्ची के मुंह-नाक के आस-पास मिट्टी की परत थी, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसकी नाक तक ऑक्सीजन भी पहुंचाई गई, लेकिन उसके गले में केबल फंसने का डर था। रोबोट मशीन भी बुलाई गई, जिसने बच्ची का माथा पकड़कर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्ची बेहोश हो गई। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांस रुक चुकी थी। हालांकि उसे रिकवर करने की कोशिश की गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका। यह भी पढ़ें:ऊंची-ऊंची लपटें, धमाके से टूटते शीशे और…बीच सड़क आग का गोला बनी बस का डराने वाला विडियो


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