गुजरात की राजधानी गांधीनगर इन दिनों गंभीर टाइफाइड संक्रमण की चपेट में है. दूषित पानी से फैली इस बीमारी ने अब तक 7 साल की एक मासूम की जान ले ली है. मृत बच्ची काजल कनौजिया आदिवाड़ा स्टेट के रबारी वास की रहने वाली थी.
परिजनों के मुताबिक काजल पिछले 15 दिनों से बीमार थी. जांच में टाइफाइड की पुष्टि के बाद उसे गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन लगातार सांस लेने में तकलीफ के कारण आज सुबह उसने दम तोड़ दिया.
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न्यूज24 की टीम जब मौके पर पहुंची तो देखा कि जहां काजल का घर है, वहीं ठीक सामने पेयजल पाइपलाइन में लीकेज का काम चल रहा था, वह लीकेज जो बच्ची की मौत के बाद अब सुधारा जा रहा है. यही नहीं, इलाके में कई जगहों पर पाइप लाइन से पानी का रिसाव साफ दिखा, जिसके कारण आसपास दूषित पानी लोगों तक पहुंच रहा था.
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गांधीनगर में अब तक 113 संदिग्ध टाइफाइड के मामले सामने आए हैं. इनमें 94 मरीज अब भी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती हैं, जबकि 19 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है. प्रशासन ने अब प्रभावित इलाकों में टैंकर से पानी सप्लाई शुरू की है.
वहीं स्थिति गंभीर होती देख गांधीनगर से सांसद और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य प्रशासन को तुरंत और युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. शाह ने सभी मरीजों के उचित इलाज, भोजन की व्यवस्था, 24 घंटे ओपीडी और पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए हैं.
फिलहाल, 75 से अधिक हेल्थ टीमों ने करीब 20,000 घरों का सर्वे कर 90,000 लोगों की जांच की है. 30,000 से ज्यादा क्लोरीन टैबलेट्स और 20,000 से अधिक ओआरएस पैकेट्स बांटे गए हैं. प्रशासन ने लोगों से सिर्फ उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है.
वहीं, सिविल सुपरिंटेंडेंट आशा पारिख के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. गांधीनगर सिविल अस्पताल में कुल 152 मरीज भर्ती है, अब तक कुल 25 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया. जबकि कुल भर्ती मरीज में से क्लिनिकल स्पेक्टेड टाइफाइड के 108 मरीज कन्फर्म पॉजिटिव 50 केस, एक की मौत है. वहीं, 2 बच्चे 6 से 9 वर्ष की उम्र के अभी भी ICU में भर्ती हैं.