Cyclone Biparjoy: अरब सागर से गुजरात की ओर बढ़ रहे खतरनाक चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) आज रात को जखाऊ बंदरगाह से टकराएगा। यानी गुरुवार रात को इस चक्रवाती तूफान का लैंडफॉल होगा। इसके बाद ये तूफान आगे की ओर बढ़ेगा। भारतीय मौसम विभाग ने इसके लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि तीनों सेनाओं समेत अन्य सुरक्षा बल लोगों की मदद के लिए तैनात हैं।
आईएमडी ने किया ये ट्वीट
मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि सौराष्ट्र और कच्छ तटों के लिए चक्रवात चेतावनी: रेड अलर्ट, चक्रवाती तूफान बिपरजॉय आज रात 11.30 IST पर अक्षांश 22.8N और 67.3E के पास जखाऊ पोर्ट (गुजरात) के करीब 140km WSW और देवभूमि द्वारका के 190km WNW के पास से गुजरेगा।
सीएम ने गांधीनगर में की आपात बैठक
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार सुबह गांधीनगर में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बता दें कि आईएमडी ने बुधवार को सौराष्ट्र और कच्छ तटों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा कि वीएससीएस (वेरी सेवर साइक्लोनिक स्टॉर्म) 'बिपारजॉय' गुरुवार शाम तक जखाऊ बंदरगाह के पास मांडवी और कराची के बीच सौराष्ट्र, कच्छ और उससे सटे पाकिस्तानी तटों को पार करेगा।
अस्थायी घर और पेड़ों के उखड़ने की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि इस दौरान काफी तेज हवाए, उच्च ज्वार और भारी वर्षा के कारण अस्थायी आवास, पेड़ गिर सकते हैं। आईएमडी महानिदेशक ने बताया है कि चक्रवात बिपरजॉय के कारण पूर्वोत्तर अरब सागर में समुद्र की स्थिति अस्त-व्यस्त रहेगी। इसके बाद मछली पकड़ने वालों को समुद्र को जाने से साफ मना किया गया है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री बोले- जहां भी रहे सुरक्षित रहें
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा है कि कच्छ जिले में 47,000 से ज्यादा लोगों को आश्रय गृहों में शिफ्ट किया गया है। सभी गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि हमारा उद्देश्य शून्य हताहत सुनिश्चित करना है। मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे जहां भी हों सुरक्षित रहें और इस समय पर यात्रा से बचें।
रक्षा मंत्रालय के पीआरओ ने बताया सेनाओं की तैयारी
रक्षा मंत्रालय के पीआरओ और प्रवक्ता विंग कमांडर एन मनीष ने कहा है कि भारतीय सेना ने पूरे गुजरात में मांडवी और द्वारका समेत तटीय स्थानों पर 27 से ज्यादा राहत कैंप लगाए हैं। सेना के जवानों ने नागरिक प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रूप से राहत अभियान शुरू किया है। बता दें कि सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की टीमों को भी लोगों की मदद, उनकी निकासी और प्रभावित क्षेत्रों में राहत प्रदान करने के लिए लगाया गया है।
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