अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बच्चों की तस्करी में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुखबिर की सूचना पर 28 जनवरी 2026 की रात अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास कोतरपुर पंपिंग स्टेशन पर पुलिस ने घेराबंदी की थी. रात करीब 2:00 बजे हिम्मतनगर की तरफ से आ रही एक सफेद मारुति अर्टिगा को रोका गया. तलाशी के दौरान गाड़ी से एक नवजात शिशु मिला. पुलिस की पूछताछ में बच्चा तस्करी से जुड़े इस गिरोह का खुलासा हुआ.
पूछताछ में पता चला की आरोपियों ने इस बच्चे को हिम्मतनगर के मुन्नू उर्फ युनुस से ₹3.60 लाख में खरीदा था. जबकि बच्चो की खरीद फरोख्त करने वाला यूनुस ने खुद यह बच्चा किसी से ₹60,000 में लिया था. इसे हैदराबाद में 'नागराज' नाम के एजेंट को ऊंचे दामों पर बेचा जाना था.
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान वंदना पांचाल, रोशन अग्रवाल, सुमित यादव और ड्राइवर मौलिक दवे के रूप में हुई है. इनमे से रोशन अग्रवाल हैदराबाद का रहनेवाला था जबकि बाकि तीनो अहमदबादब के निवासी बताये जा रहे है. पुलिस ने आरोपियों से कुछ नकदी कार और अन्य संबंधित वस्तुएं जब्त कर आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4), 137(2), 61(2)(a) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.. मासूम शिशु को सुरक्षित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया है. वंदना और रोशन पहले भी हैदराबाद में बच्चा चोरी के केस में जेल जा चुके हैं. मार्च 2025 में जेल में मिलने के बाद इन्होंने साथ काम करना शुरू किया था.
अहमदाबाद पुलिस अब फरार आरोपियों—युनुस और नागराज—की तलाश में छापेमारी कर रही है. यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो गुजरात के साबरकांठा और बनासकांठा जिलों से मासूमों को निशाना बना रहा है.
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