Vadodara Boat Accident: गुजरात के वडोदरा शहर के हरनी झील में गुरुवार शाम को 29 लोगों से भरी एक नाव पलट गई। इस बोट एक्सीडेंट में 12 छात्रों और 2 टीचर की जान चली गई, बाकी के 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे की पुलिस जांच में कुछ नए खुलासे हुए हैं, जो इस टूरिस्ट प्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
सुरक्षा और सेफ्टी पर उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि नाव में सिर्फ 14 लोगों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन इसमें 29 लोग सवार थे, जो कि कैपेसिटी से दोगुने लोग बैठे थे। नाव में बैठे कुछ ही लोगों को लाइफ जैकेट पहनाई गई थी, बाकी के लोग बिना जैकेट के थे। इसके अलावा हादसे के बाद रेस्क्यू के लिए आई टीम में बचाव करने वाले कर्मचारियों की कमी थी। घटना स्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। यह सभी बातें हरनी झील में टूरिस्टों की सुरक्षा और उनके सेफ्टी नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
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18 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
इस हादसे को लेकर पुलिस ने हरनी झील में बोट संचालन से जुड़े 18 लोगों के खिलाफ IPC की धारा 304 और 308 के तहत FIR दर्ज कर ली है। गुजरात सरकार ने इस हादसे की हाई लेवल जांच के आदेश दिए हैं और वडोदरा के जिला कलेक्टर के पास 10 दिन के अंदर जांच की रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया है।
पीएम मोदी व्यक्त किया दुख
इस हादसे में प्रधानमंत्री मोदी ने दुख व्यक्त किया और प्रशासन को घायलों का बेहतर इलाज करने के लिए कहा है। इसके साथ पीएम मोदी ने अपने x (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार को PMNRF की तरफ से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये राहत राशि देने की घोषणा की है।