नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रविवार को आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के मामले में आठ आरोपियों (सभी निजी व्यक्तियों) के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया। CBI के एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की कि प्राथमिकी में कुल नौ लोगों के नाम हैं। पेरनोड रिकार्ड इंडिया (Pernod Ricard India) के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज राय को छोड़कर सभी निजी व्यक्तियों के खिलाफ LOC जारी कर दी गई है।
जिन आरोपियों का नाम LOC में रखा गया है, उनमें मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढाल, इंडोस्पिरिट के मालिक समीर महेंद्रू, बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, राधा इंडस्ट्रीज के दिनेश अरोड़ा, महादेव लिकर्स के सनी मारवाह, प्रोपराइटरशिप फर्म के अर्जुन रामचंद्र पिल्लई और अर्जुन पांडे शामिल हैं।
इससे पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आबकारी नीति मामले में अपने और अन्य आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) की खबरों पर चुटकी ली थी। हालांकि, सीबीआई के सूत्रों ने बाद में कहा था कि इसे जल्द ही जारी किया जा सकता है। सीबीआई सूत्रों ने बाद में स्पष्ट किया कि लुक आउट सर्कुलर प्रक्रिया में है, अभी जारी नहीं किया गया है।
क्या होता है लुक आउट सर्कुलर नोटिस
लुक आउट सर्कुलर नोटिस में संबंधित एजेंसियां ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में सूचित करती हैं जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किए बिना देश छोड़ सकता है। इसके बाद BoI अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर अपने अधिकारियों को LOC की सूची अपडेट करता है।
एलओसी की कुछ श्रेणियां हैं, जैसे कि किसी व्यक्ति के देश से बाहर जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और कुछ श्रेणियों में वह जा सकता है, लेकिन केवल उचित अनुमति लेने और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसी को सूचित करने के बाद।