तहव्वुर राणा से आज NIA अपने हेडक्वार्टर में पूछताछ करेगी। एजेंसी को राणा की 18 दिन की कस्टडी मिली है। आज NIA के IG अपने अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 10 से साढ़े 10 बजे के करीब अधिकारी NIA ऑफिस पहुंचेंगे, बैठक करेंगे और फिर राणा से पूछताछ करेंगे। कुल 12 अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जो राणा से पूछताछ करेंगे। इनमें SP-DSP रैंक के अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें कड़े निर्देश सरकार की तरफ से मिले हैं।
NIA की IPS अधिकारी DIG जया रॉय पूछताछ टीम का नेतृत्व करेंगी। पूछताछ NIA के ही इंटेरोगेशन रूम में होगी। CCTV कैमरों के सामने सवाल जवाब होंगे और पूछताछ की रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। NIA राणा की कस्टडी के 18 दिन रोज होने वाली पूछताछ की एक डायरी बनाएगी। पूछताछ के बाद डिस्कोलजर स्टेटमेंट में उसे रिकॉर्ड पर शामिल किया जाएगा। हर दिन की पूछताछ और जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
इस मामले में राणा से होगी पूछताछ
बता दें कि तहव्वुर राणा पर मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाउद गिलानी के साथ मिलकर मुंबई में रेकी करने का आरोप है। आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (LET) और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी (HUJI) के गुर्गों तथा अन्य पाकिस्तानी एजेंसियों के साथ मिलकर 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकवादी हमला कराने का आरोप है। इसी मामले में राणा से पूछताछ की जानी है
कापेनहेगन आतंकी हमले का भी आरोपी
मुंबई आतंकी हमले में कुल 166 लोग मारे गए थे। 238 से अधिक घायल हुए थे। आतंकी हमला करने आए आतंकवादी ढेर कर दिए गए थे, लेकिन एक आतंकी अजमल कसाब को पकड़ लिया गया है। उसे फांसी की सजा दी गई थी और फांसी दी गई थी। वहीं तहव्वुर राणा को अमेरिका के शिकागो से अक्टूबर 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था। मुंबई के 26/11 आतंकी हमले और कोपेनहेगन में आतंकी हमले करने के लिए हथियार मुहैया कराने का आरोप था।
यह भी पढ़ें: तहव्वुर राणा 18 दिन के लिए NIA कस्टडी में, अब आगे क्या? 10 पॉइंट में जानें सब कुछ
अमेरिका में 14 साल की सजा राणा को हुई
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की गवाही पर राणा को साल 2013 में सजा सुनाई गई थी। उसे पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने और डेनिश अखबार पर हमले की साजिश रचने के आरोप में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। राणा इसी सजा को काट रहा था कि भारत सरकार ने उसक प्रत्यर्पण की मांग अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखी, जिसे मंजूर भी कर लिया गया था।