राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से थोड़ी राहत मिलने के बाद ग्रैप-4 की सख्त पाबंदियां हटा ली गई हैं. हालांकि वर्तमान में प्रदूषण का लेवल उतना कम नहीं हुआ है, जिससे ग्रैप-3 की पाबंदियों से राहत मिल सके. ग्रैप-4 हटने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 के सख्त नियम लागू रहेंगे. दिल्ली में प्रदूषण के चलते सांस संबंधी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, दूसरी ओर धुंध के काले बादल राजधानी के आसमान पर छाए हुए हैं.
प्रदूषण प्रबंधन आयोग (CAQM) आयोग की सब-कमेटी ने ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के 4th फेज को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 18 जनवरी को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 440 पर पहुंचा था, जो 19 जनवरी को 410 और आज 20 जनवरी को घटकर 378 रह गया.
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इन नियमों में मिलेगी ढील
ग्रैप-4 हटने से निर्माण तथा औद्योगिक गतिविधियों पर लगी सख्त पाबंदियां ढीली पड़ेंगी, लेकिन आयोग ने साफ लकीर खींच दी है कि ग्रेप के चरण-एक, दो और तीन के तहत सभी निर्देश यथावत लागू रहेंगे. जिन निर्माण-तोड़फोड़ स्थलों को उल्लंघन के चलते सील किया गया था, वे विशेष अनुमति के बिना चालू नहीं हो सकेंगे. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि प्रदूषण वृद्धि रोकने में मदद करने के लिए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि हवा की गुणवत्ता कभी भी बिगड़ सकती है.
GRAP-3 में क्या रहेगा बंद?
ग्रेप-तीन के दायरे में गैर-जरूरी निर्माण-तोड़फोड़ कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे, जबकि स्टोन क्रशिंग इकाइयों तथा खनन गतिविधियों पर भी रोक कायम है. वाहनों के मोर्चे पर दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. पुराने डीजल मालवाहक वाहनों को दिल्ली में घुसने की अनुमति नहीं मिलेगी.