Delhi CM Rekha Gupta Emotional Video: "मेरे मीम्स बनाओ, लेकिन मर्यादा में रहकर" - सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और अपमानजनक मीम्स (Memes) को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा गलती से जो शब्द निकले हैं उसका मजाक बनाते हैं! इनको ये अच्छा नहीं लगता है कि एक महिला दिल्ली की मुख्यमंत्री है. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मुझसे तो गलती हो गयी, लेकिन आप तो जानबूझकर ऐसा काम करते हैं. AQI को मैंने AIQ बोल दिया तो उस पर रील बनाना शुरू कर दिया.
सदन में सीएम ने न केवल अपना दर्द बयां किया, बल्कि ट्रोलर्स को आईना भी दिखाया. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में राजनेताओं पर मीम्स बनना एक सामान्य बात है, लेकिन कुछ लोग विरोध के नाम पर भाषा की मर्यादा भूल जाते हैं. आलोचना का स्वागत है, लेकिन इसे व्यक्तिगत अपमान में नहीं बदलना चाहिए.
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क्यों छलका दिल्ली CM रेखा गुप्ता का दर्द?
"मैं तो सिर्फ काम करना चाहती थी…", विधानसभा में चर्चा के दौरान रेखा गुप्ता ने दिल्ली के विकास और पार्षदों के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखनी शुरू की थी. उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर वे सिर्फ जनता की सेवा और अपने क्षेत्र का विकास करना चाहती थीं, लेकिन राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक बाधाओं ने उन्हें गहरी पीड़ा दी है. भावुक स्वर में कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें और उनकी टीम को विकास कार्यों में जानबूझकर परेशान किया गया. रेखा गुप्ता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं.
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दिल्ली सरकार का रुख: सख्त कार्रवाई के संकेत?
रेखा गुप्ता ने संकेत दिया कि सरकार और प्रशासन उन हैंडल्स पर नजर रख रहा है जो जानबूझकर भ्रामक जानकारी और अश्लील सामग्री फैलाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि रचनात्मक आलोचना का वे हमेशा सम्मान करेंगी, लेकिन 'साइबर बुलिंग' को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. रेखा गुप्ता के भावुक होने के बाद सदन में शोर-शराबा थम गया. हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से कुछ नोकझोंक भी हुई, लेकिन सदन का एक हिस्सा उन्हें चुप कराते और सांत्वना देते नजर आया.
दिल्ली चुनाव 2026 से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
2026 के चुनावी माहौल के बीच, रेखा गुप्ता का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सदन में उनका यह इमोशनल अवतार भाजपा की ओर से दिल्ली की जनता (विशेषकर महिलाओं) के साथ इमोशनल कनेक्ट बनाने की एक कोशिश भी हो सकता है. विपक्षी दल इसे 'सेंसिटिविटी' बता रहे हैं, जबकि उनके समर्थक इसे एक महिला मुख्यमंत्री का अपनी गरिमा के लिए उठाया गया साहसी कदम मान रहे हैं.
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