हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

One Rank-One Pension: 'किस्तों में पेंशन देने का फैसला क्यों...', सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को लगाई फटकार, दे डाली ये चेतावनी

विज्ञापन

One Rank-One Pension: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को वन रैंक वन पेंशन (OROP) नीति के तहत पेंशन भुगतान के मामले पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि आदेश के बाद भी किस्तों में पेंशन देने का फैसला क्यों लिया गया?

शीर्ष कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के पेंशन मामलों के सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। यह चेतावनी भी दी है कि अदालत अवमानना का नोटिस जारी करेगी। यह टिप्पणी चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने की

एक किस्त में भुगतान की मांग कर रहे पेंशनभोगी

दरअसल, पूर्व सैनिकों के एक ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका लगाई थी। मांग की थी कि सभी पात्र पेंशन लाभार्थियों को वन रैंक वन पेंशन योजना के बकाए का भुगतान चार किस्तों के बजाय एक किस्त में किया जाए। इस मामले पर सोमवार को सुनवाई हुई।

विज्ञापन

कोर्ट ने 15 मार्च तक का दिया था समय

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 9 जनवरी को केंद्र सरकार को सशस्त्र बलों के सभी पात्र पेंशनभोगियों को वन रैंक वन पेंशन के कुल बकाए के भुगतान के लिए 15 मार्च तक समय दिया था। वहीं सरकार ने 15 मार्च 2023 की तारीख को बढ़ाने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।

क्या है ओआरओपी?

2014 में केंद्र सरकार ने रिटायर सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की थी। तीन साल बाद इस योजना को लागू कर दिया गया था।

विज्ञापन

कहा गया था कि अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के दो सैनिकों की पेंशन राशि में बड़ा अंतर नहीं होगा। भले ही वे कभी रिटायर हुए हों। वर्तमान में 25 लाख रिटायर्ड सैनिक हैं।

यह भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD स्टैंडिंग कमेटी के दोबारा चुनाव पर लगाई रोक, मेयर को दिया ये निर्देश

विज्ञापन

और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola