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‘हिंदुस्तान में कोई धर्म खतरे में नहीं…’, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में बोले NSA अजीत डोभाल

NSA Ajit Doval: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारत में सभी धर्म समान हैं और देश में कोई भी धर्म खतरे में नहीं है। सभी को बराबरी का हक है। भारत उन संस्कृतियों और धर्मों का मिश्रण रहा है, जो सदियों से सद्भाव से रह रही हैं। डोभाल […]

Islamic Cultural Centre Delhi
NSA Ajit Doval: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारत में सभी धर्म समान हैं और देश में कोई भी धर्म खतरे में नहीं है। सभी को बराबरी का हक है। भारत उन संस्कृतियों और धर्मों का मिश्रण रहा है, जो सदियों से सद्भाव से रह रही हैं। डोभाल ने दिल्ली में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉ मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा छह दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। उन्होंने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

भारत में इस्लाम का महत्वपूर्ण गौरव स्थान

अजीत डोभाल ने कहा कि देश में विभिन्न धर्मों के बीच इस्लाम महत्वपूर्ण गौरव का स्थान रखता है। भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी का घर है। भारत की मुस्लिम आबादी इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के 33 से अधिक सदस्य देशों की संयुक्त आबादी के लगभग बराबर है। बावजूद इसके भारत सभी मसलों के हल के लिए सहिष्णुता, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने में विश्वास करता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और लोकतंत्रों की जननी अविश्वसनीय विविधता की भूमि है।

भारत ने आतंकवाद का किया सामना

आतंकवाद के बारे में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। देश ने 2008 के मुंबई अटैक समेत कई आतंकी हमलों का सामना किया है। उग्रवाद और वैश्विक आतंकवाद की चुनौती भारत को अपनी सतर्कता कम नहीं करने के लिए मजबूर करती है। हमारी सीमाओं के भीतर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने और परे सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत उन व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है जो उग्रवाद, नशीले पदार्थों और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ सरकार की बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति को व्यक्त करते हुए डोभाल ने कहा, "भारत एक बेहद जिम्मेदार शक्ति है, लेकिन जब आतंकवादियों की पनाहगाहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत महसूस हुई, तो हम अपने राष्ट्रीय हित में आतंकवाद को नष्ट करने के लिए आगे आए। यह भी पढ़ें: बाबा बर्फानी की भक्ति में डूबे विदेशी: अमेरिका से अमरनाथ यात्रा पर आए दो संन्यासी, बोले- स्वामी विवेकानंद से मिली प्रेरणा


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