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पांचों चुनावी राज्यों के लोगों के लिए चुनाव आयोग का कड़ा फरमान, उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई झेलेंगे

 election Commission strict action 'चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान झूठी शिकायतों व अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है।'

 election Commission strict action:हाल में होने वाले ने पांचों राज्यों के चुनाव में चुनाव आयुक्त ने नई गाइडलाइन जारी की है। जिसमें अगर किसी शरारती तत्व ने चुनाव के दौरान झूठी शिकायतों व अफवाह फैलाई, तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों के साथ कुछ शरारती तत्वों की ओर से मिलने वाली झूठी शिकायतों से परेशान भी है। चुनाव आयोग ने ऐसी झूठी शिकायतों व अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है।

शरारती तत्वों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

चुनाव आयोग ने बताया यदि किसी के द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत गलत निकली या फिर शिकायत किसी को परेशान करने के लिए की जा रही है, ऐसे में शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा सकते है।

 सी-विजिल जैसी कई अहम पहल

चुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने हर तरह से पूरी तैयारी कर ली है, किसी भी तरह की गड़बड़ी या फिर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षकों की एक बड़ी टीम तैनात की जाती है। इसके बावजूद भी चुनाव आयोग ने चुनावों में जनता की भागीदारी को बढ़ाने के लिए सी-विजिल जैसी कई अहम पहल भी की है, जिसमें चुनावों में किसी को कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी दिखने पर वह स एप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। ऐसी शिकायतों के मिलने के बाद चुनाव आयोग ने दो घंटे से भी कम समय में कार्रवाई भी शुरू कर देता है। साथ ही इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाती है।

पिछले चुनाव में मिली थी झूठी शिकायतें

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले चुनाव में बड़ी संख्या में शिकायतें ऐसी थी, जो झूठी थी। या फिर उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया था। शिकायतों के मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने इसकी जांच की। तो स्थिति कुछ और ही थी।

आयोग ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

फिलहाल आयोग ने पांचों चुनावी राज्यों के अधिकारियों को झूठी शिकायतों को लेकर सतर्क किया। अब तक आयोग ऐसी शिकायतों के जांच में गलत पाए जाने के बाद उन्हें भूल जाता था और शिकायत करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी, इस वजह से अधिकारियों को झूठी शिकायतों के खिलाफ कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।


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