Earthquake News: राष्ट्रीय राजधानी और पड़ोसी क्षेत्रों में रविवार सुबह करीब 8:33 बजे 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आज सुबह आए भूकंप ने नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की पुष्टि की। भूकंप के झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। उत्तराखंड में भूकंप के झटके देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किए गए। कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र उत्‍तराखंड के चिन्‍यालीसौंड से 35 किमी दूर बताया जा रहा है। बता दें कि उत्तरकाशी जिला भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ये जिला भूकंप जोन पांच में आता है। उत्तरकाशी के अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, कुमाऊं के कपकोट, धारचूला, मुनस्यारी भूकंप की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील है।

पिछले महीने भी महसूस किए गए थे झटके

बता दें कि पिछले महीने अक्टूबर में भी भूकंप के झटके उत्तराखंड में महसूस किए गए थे। 8 अक्‍टूबर 2022 को पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी क्षेत्र में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 3.9 और गहराई 10 किमी थी। वहीं, 2 अक्‍टूबर 2022 को उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता 2.5 रिक्‍टर थी।

कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक

0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा। 2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं। 3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है। 4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं। 5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं। 6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है। 7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था। 8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं। 9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी।