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चूरन वाले नोटों से लगाया 40 लाख का चूना, बैंक जाने वाले लोगों को ऐसे बनाते थे शिकार

Delhi News: दिल्ली की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चूरन वाले नकली नोटों के साथ लोगों को चूना लगाते थे। हाल ही में इस गैंग ने 40 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस ने इस गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें दिल्ली से राहुल प्रकाश की रिपोर्ट...

चूरन वाले नोटों से 40 लाख की ठगी (News24 Reporter)
Delhi News: राजधानी दिल्ली में धोखाधड़ी और ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली के दक्षिण जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को चूरन वाले नकली नोटों के साथ चूना लगाते थे। ये लोग खुद को पैसे बदलने वाले बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। फिर उनके असली पैसों को मनोरंजन बैंक के नकली नोटों से बदल देते थे। इस गैंग ने 40 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस ने इस गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रिंस पाल, निखिल श्रीवास्तव, परवेज अख्तर और असगर खान उर्फ अख्तर खान उर्फ बंटी के रूप में हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 1.25 करोड़ रुपये के नकली नोट, एक कैश काउंटिंग मशीन, एक मोबाइल फोन और 7.5 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं। वहीं, 4.5 लाख रुपये बैंक में फ्रीज किए गए हैं।

फ्लैट में नकली नोट का सेटअप

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका गैंग लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें बैंक अकाउंट से कैश निकालने होते थे। इस गैंग के लोग 'लाइनर' के जरिए ग्राहक से संपर्क करते और फ्लैट में एक नकली सेटअप बनाते थे। कैश गिनने की मशीन, असली नोटों की कुछ गड्डियां और छिपा हुआ कमरा, ये सब कुछ पहले से ही तैयार होता था। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए गैंग के लोग असली नोटों की गिनती करते थे, लेकिन बाद में बैग के अंदर 'मनोरंजन बैंक के चूरन वाले' नकली नोट भरकर ग्राहक को देते हैं।

चूरन वाले नोटों से 40 लाख की ठगी

पुलिस ने इस गैंग को एक शिकायत मिलने के बाद पकड़ा है। दरअसल, सीआर पार्क थाने में 6 जुलाई को एक पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी कि उसे एक फ्लैट में नकदी देने के बहाने बुलाया गया, जहां 40 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद उसे नकली नोटों से भरा बैग दे दिया गया। शिकायत पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने CCTV फुटेज, बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल्स, और गुप्त सूत्रों के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों को 9 जुलाई को सईदुलाजाब इलाके से गिरफ्तार किया। यह भी पढ़ें: हिन्दू लड़कियों को मुस्लिम बनने पर ऐसे मजबूर करता था छांगुर बाबा, पीड़िता ने किया काले कारनामे का पर्दाफाश

पहले ही दे चुके हैं ठगी को अंजाम

पूछताछ में पता चला कि ये गिरोह दिल्ली में कई और ठगी की वारदातों में भी शामिल रहा है। इसमें तुगलकाबाद में 1 करोड़ रुपये की ठगी, छतरपुर में 30 लाख रुपये की ठगी, और तुगलकाबाद में ही 18 लाख रुपये की एक वारदात शामिल है। पुलिस के अनुसार, गैंग के बाकी साथियों की पहचान की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

क्या है आरोपियों की प्रोफाइल?

  • निखिल: अमेठी का निवासी, होटल और स्पा व्यवसाय में घाटा खाया था।
  • प्रिंस पाल: 12वीं पास, बेरोज़गार, निखिल के संपर्क में आया था।
  • परवेज: पहले हैंडलूम वर्कर, दिल्ली में अस्थायी रूप से रह रहा था।
  • असगर उर्फ बंटी: महाराष्ट्र के कुर्ला से, जिसने बिहार निवासी नसीम से ठगी की तरकीब सीखी।


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