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‘मेरी गोद में दम तोड़ गई 7 साल की बेटी’, Delhi railway stampede में अभागे पिता की आपबीती

Delhi railway stampede Tragic Story: दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात को हुई भगदड़ में कई लोगों की मौत हो गई। एक पिता ने अपनी 7 साल की बेटी की दर्दनाक मौत के बारे में बात जिसका वीडियो देख हर कोई इमोशनल हो गया।

Delhi railway Stampede Horror Tragic Story
Delhi railway stampede Tragic Story: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार की रात हुई भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर ने सनसनी फैला दी। भगदड़ में लोगों की आंखों के सामने उनके प्रियजनों की जान चली गई। एक ऐसा ही मामला और सामने आया है जिसमें 7 साल की बच्ची की उसी के पिता की गोद में दर्दनाक मौत हो गई। बच्ची के पिता ने पूरी बताई और वो फूट-फूटकर रोने लगे। दर्द भरी कहानी सुन आप भी अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे।

लोगों के ऊपर अटैची फेंक रहे थे लड़के

मृतक बच्ची के पिता ओपिल सिंह ने टाइम्स नाऊ से बात करते हुए कहा कि हम ट्रेन से उतरकर सीढ़ी चढ़ रहे थे तो ऊपर से बहुत लोग नीचे की ओर आ रहे थे। एक के ऊपर एक लोग गिर रहे थे, वो लोग ऊपर से बैग भी फेंक रहे थे। लड़के अटैची फेंक रहे थे, जिस वजह से कई लोग दब गए। उनकी नाक से खून निकल रहा था। यह भी पढ़ें: Maha Kumbh के प्लान ने छीनी 2 सहेलियों की जिंदगी, जिंदा बचीं एक जिंदगी भर पछताएगी

बेटी के सिर में घुस गई थी कील

ओपिल सिंह ने बताया कि लोग न सिर्फ तेज रफ्तार से ऊपर से नीचे की ओर उतर रहे थे बल्कि बैग और अटैची भी फेंक रहे थे। उसी भीड़ में मेरी 7 साल की बेटी लोहे की रोड के अंदर घुस गई और उसके सिर में कील घुस गई। इस दौरान वो पूरी तरह से खून से सन गई। उन्होंने रोते हुए बताया कि मेरी बेटी छोटी थी तो हमने उसे गोद में ले लिया। हमें न तो कोई एंबुलेंस मिली और न ही मेरे पास पैसे थे, क्योंकि फोन और पर्स चोरी हो गए थे।

एक दिन पहले पार्टी से लौटी फैमिली

मृतक बच्ची के पिता ने बताया कि कुली ने उन्हें पैसे दिए और फिर वो उसे ऑटो में लेकर अस्पताल पहुंचे। व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल में उनकी बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। ये बताते हुए ओपिल खान फूट-फूटकर रोने लगे, और बोले कि एक दिन पहले हम पार्टी से आए थे और आज बेटी को ऐसे ले जाना पड़ रहा है। ओपिल ने बताया कि वो टोटल 6 लोग थे जो जर्नल डिब्बे से प्रयागराज जा रहे थे। लेकिन भीड़ को देखते हुए वो घर जाने के लिए वहां से निकलने का प्रयास कर रहे थे जब ये दर्दनाक हादसा हो गया।

रेलवे स्टेशन पर नहीं थी कोई सुविधा

ओपिल खान से जब पूछा गया कि क्या रेलवे स्टेशन पर कोई पुलिस वाला या सीआरपीएफ के जवान थे तो वो बोले कि सिर्फ एक ही पुलिसवाला था न एंबुलेंस की सेवा थी। उन्होंने बताया कि इस सारे मामले में सारी गलती रेलवे वालों की थी। ओपिल ने बताया कि आसपास बहुत सारे घायल थे किसी की नाक,कान और आंख से खून आ रहा था। यह भी पढ़ें: Earthquake की टाइमिंग कम, स्पीड तेज… भूकंप में रेलवे स्टेशन पर यात्री की आपबीती


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