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हिंदी न्यूज़ / दिल्ली के दो अस्पतालों में अगर शर्मसार न होती मानवता तो जिंदा होता शख्स, वेंटिलेटर न मिलने पर इलाज में हुई देरी, दम तोड़ा

दिल्ली के दो अस्पतालों में अगर शर्मसार न होती मानवता तो जिंदा होता शख्स, वेंटिलेटर न मिलने पर इलाज में हुई देरी, दम तोड़ा

Delhi News man died Ventilator crisis: दिल्ली के दो अस्पतालों में जान बचाने के लिए घूमता रहा शख्स, लेकिन वेंटिलेटर न मिलने से इलाज में देरी हुई और उसने दम तोड़ दिया।

Edited By: Swati Pandey | Updated: Jan 3, 2024 18:53
Delhi News man died Ventilator crisis: अस्पताल की लापरवाही की खबरे अक्सर सामने आती रहती हैं। कभी एंबुलेंस की वजह से तो कभी अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध न होने की वजह से घटनाएं घट जाती हैं। ऐसे में दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में हुए घटनाक्रम ने गहरे सवालों को उजागर किया है। दिल्ली के दो प्रमुख अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी के चलते एक घायल मरीज वेंटिलेटर मिलने में देरी हो गई, जिसके बाद मरीज ने अस्पताल के बाहर दम तोड़ दिया। दिल्ली में वेंटिहलेटर की कमी का इस प्रकार से उपयोग होना अत्यंत चिंताजनक है।

खिड़की से कूदने पर हुई घटना

जानकारी के अनुसार, यह मामला उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके का है। पुलिस ने बताया कि बीती शाम एक महिला ने फोन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि एक शख्स उसके घर के बाहर गाली-गलौज और अभद्रता कर रहा है। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी। तभी रास्ते में आरोपी ने उल्टी का बहाना करके गाड़ी को रोकने के लिए बोला। अचानक वह चलती गाड़ी की खिड़की से बाहर कूद गया, जिसकी वजह से उसके सिर में काफी चोट आ गई थी। यह भी पढ़े: उत्तर भारत में शीत लहर से ठिठुरे लोग, गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 8 तक के स्कूल 6 जनवरी तक बंद

वेंटिलेटर न मिलने की वजह से रास्ते में हुई मौत

गंभीर हालत देखते हुए पुलिस प्रमोद को लेकर जीटीबी अस्पताल गई। वहां सीटी स्कैन की सुविधा न होने की वजह से उसे वहां से एलएनजेपी रेफर कर दिया गया। एलएनजेपी अस्पताल में भी वेंटीलेटर खाली न होने की वजह से प्रमोद को आरएलएम के लिए भेज दिया गया। हद तो तब हो गई जब वहां भी वेंटिलेटर खाली नहीं मिला। वेंटिलेटर न होने की वजह से दोबारा एलएनजेपी लाते वक्त घायल प्रमोद की मौत हो गई। यह भी पढ़े: Budaun Honor Killing Case: बेटी और उसके प्रेमी का कत्ल करने के बाद थाने पहुंचा पिता बोला-मुझे गिरफ्तार कर लीजिए

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा स्पष्ट

अस्पताल प्रबंधन की ओर से किए गए बयान में कहा गया है कि मरीज को उचित समय पर वेंटिलेटर के लिए जगह नहीं मिलने के कारण अन्य अस्पतालों में भेज दिया गया, लेकिन वहां भी वेंटिलेटर खाली नहीं था। यह घटना वेंटिलेटर की महत्वपूर्णता पर सवाल उठाती है और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जटिलताओं को सामने लाती है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि क्या मौत इलाज में देरी से हुई या किसी अन्य कारण से हुई है। इस मामले के माध्यम से हमें सोचने पर मजबूर कर देता है कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुधारने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए और भी कठिनाइयों का सामना करना होगा।  


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