Delhi markets Selling Banned firecrackers: दिल्ली में प्रदूषण के चलते पटाखों की बिक्री, निर्माण, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन इसके बावजूद दिवाली से पहले दिल्ली में पटाखों की अवैध बिक्री खूब हो रही है। यहां पर बाजारों में व्यापारी खुलेआम पटाखे बेच रहे हैं। पटाखों की अवैध बिक्री ने शहर में प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं पहले से ही प्रदूषण के उच्च स्तर को और बढ़ा देता है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच 10,000 किलोग्राम से अधिक पटाखे जब्त किए थे। दिल्ली सरकार ने दिवाली को देखते हुए पटाखों की बिक्री, निर्माण या भंडारण के लिए लाइसेंस देने के खिलाफ शहर पुलिस को निर्देश जारी किया है। साथ ही कहा था कि इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवाली को लेकर दिल्ली के कमला नगर बाजार में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। साथ ही दुकानें भी भीड़ से खचाखच भरी हुई हैं। यहां पर फुलझड़, चकरी (ग्राउंड स्पिनर), अनार (फूलदान), रॉकेट और लड़ी (बम माला) के अलावा कई तरह के पटाखों की अवैध बिक्री की जा रही है। दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री, निर्माण, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध हो सकता है, लेकिन इसने दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी में काले बाजार को पनपने से नहीं रोका है। अवैध बिक्री और लापरवाही से लागू किए जाने से यह चिंता पैदा हो गई है कि दिवाली और उसके अगले दिन दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण संकट में फंस जाएगी, क्योंकि पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं स्थानीय उत्सर्जन और खेतों में लगी आग के धुएं के साथ मिल जाएगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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हर साल झेलनी पड़ती है दिल्लीवासियों को प्रदूषण की मार
नवंबर के महीने में हर साल दिल्लीवासियों को प्रदूषण की मार झेलनी पड़ती है। हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की वजह वहां का प्रदूषित धुआं दिल्ली में आ जाता है। जिससे प्रदूषण के स्तर में कई गुना बढोतरी हो जाती है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाए कर रही है। इसके लिए सरकार ने दिल्ली में ऑड ईवन लागू करनी की योजना बनाई थी। साथ ही आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर आर्टिफिशियल बारिश कराने पर विचार कर रही है।
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