Delhi Assembly Elections: दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अरबपतियों के कर्ज माफी पर रोक लगाने वाला कानून बनाने का आग्रह किया है। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार हजारों करोड़ रुपये का कॉरपोरेट कर्ज माफ कर पक्षपात कर रही है। आप सुप्रीमो ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है, जिसमें मांग की है कि इसको लेकर राष्ट्रव्यापी कानून बनाया जाए। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने सोमवार को नई दिल्ली में AAP कार्यालय में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 15 चुनावी गारंटी और महिलाओं के लिए 2100 रुपये जारी किए थे।
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मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के पक्षपात की वजह से आम लोगों पर टैक्स का बोझ पड़ रहा है। सरकार अमीरों को फायदा देने के लिए काम कर रही है। आम लोगों की आधी सैलरी ही टैक्स देने में चली जा रही है, लेकिन सरकार अमीरों को फायदा पहुंचा रही है।
केजरीवाल ने सवाल उठाए कि केंद्र सरकार आम नागरिकों के फायदे के लिए काम क्यों नहीं करती? हाउस लोन, कार लोन या अन्य वित्तीय बोझ क्यों नहीं माफ करती? अरबपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार आयकर और जीएसटी दरों को आधा कर सकती है। कर योग्य आय सीमा को सरकार दोगुना कर सकती है और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी को खत्म कर सकती है। केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत बड़ा स्कैम है। इस घोटाले को रोकने की जरूरत है।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को वोटिंग होगी, नतीजे 8 फरवरी को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। केजरीवाल दावा कर चुके हैं कि आप लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगी। बता दें कि 2020 में AAP ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं।