देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक बड़ा बदलाव किया गया है. टी-3 के डोमेस्टिक पियर-सी को अब इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए बदला जा रहा है. इस बदलाव के बाद टी3 की अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की सालाना क्षमता 2 करोड़ से बढ़कर करीब 3 करोड़ हो जाएगी. एयरपोर्ट ऑपरेटर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अनुसार, पियर-सी को इंटरनेशनल पियर में बदलने का काम तेजी से चल रहा है और मार्च तक इसे पूरा करने की संभावना है.
मिली जानकारी के अनुसार, पियर-सी को अब इंटरनेशनल उपयोग के अनुकूल बनाने के लिए यहां इमिग्रेशन काउंटर्स की संख्या बढ़ाई जा रही है. जिससे यात्रियों की बढ़ती संख्या को मैनेज किया जा सके. इसके साथ ही यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को भी अपग्रेड किया गया है और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग जोन में बांटा गया है. वहीं, एरोब्रिज को बाइफर्केट किया गया है जिससे एक ही पियर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संचालन में स्पष्ट विभाजन संभव हो सके.
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बता दें कि 26 अक्तूबर 2025 से एयर इंडिया ने अपनी 60 घरेलू उड़ानों को टी-3 से टी-2 में स्थानांतरित कर दिया है, जबकि 120 उड़ानें फिलहाल टी-3 से ही संचालित की जाएंगी. एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी घरेलू उड़ानें टी-1 से उड़ान भर रही हैं. इंडिगो ने भी अपने ऑपरेशंस टी-1, टी-2 और टी-3 में बांट दिए हैं.
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दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन इंटरनेशनल पियर होंगे सक्रिय
पियर-सी के इंटरनेशनल बनने के बाद टी-3 में अब तीन इंटरनेशनल पियर-ए, बी और सी होंगे और वहीं, पियर डी घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होगा.
जानिए क्या होता है पियर
एयरपोर्ट टर्मिनल में पियर एक लंबा गलियारा होता है, जो मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग से जुड़ा रहता है. इसके दोनों ओर विमान पार्क किए जाते हैं.