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Delhi Air Pollution: ऑड-ईवन को लेकर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा

Delhi Air Pollution: दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम लागू करने की घोषणा कर चुकी दिल्ली सरकार ने स्कीम के फायदों से सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराने के लिए हलफनामा दायर किया है।

Supreme Court Notice to Centre on Kerala Government Plea
Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक चिंता का सबब बना हुआ है। इसे लेकर 13 नवंबर से दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम लागू करने की घोषणा कर चुकी दिल्ली सरकार ने स्कीम के फायदों से सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराने के लिए हलफनामा दायर किया है। आज यानी शुक्रवार को प्रदूषण के मुद्दे पर होने वाली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट इस पर संज्ञान ले सकता है। निजी कारों की संख्या में 30 फीसदी की कमी आई बता दें कि दिल्ली सरकार के अनुरोध पर 2019 में लागू हुए ऑड-ईवन सिस्टम के दौरान दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) ने ऑड-ईवन स्कीम के ट्रैफिक पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एक स्टडी की। इस दौरान इकट्ठा किए गए तथ्यों से यह बात सामने आई कि ऑड-ईवन लागू होने के दौरान सड़कों पर निजी कारों की संख्या में 30 फीसदी की कमी आई। यह भी पढ़ें- दिल्ली में जहरीली हवा का कहर जारी, गोपाल राय ने आज फिर बुलाई मंत्रियों की बैठक

प्रदूषण को कम करने में काफी मददगार

हालांकि, इस दौरान टू व्हीलर्स के प्रयोग में 6.5 प्रतिशत, टैक्सी के इस्तेमाल में 19.5 प्रतिशत, ऑटो के इस्तेमाल में 7.5 प्रतिशत की और बसों के इस्तेमाल में 4.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जीटी रोड पर 18 प्रतिशत और दिल्ली नोएडा लिंक रोड पर 15 प्रतिशत से ज्यादा ट्रैफिक का दबाव कम हुआ। इस बीच प्रति किमी ट्रैफिक कंजेशन कम होने और गाड़ियों के चलने की स्पीड में बढ़ोतरी होने के बाद ईंधन की खपत में भी करीब 15 प्रतिशत की कमी आई, जो प्रदूषण को कम करने में काफी मददगार साबित हुई।

डिम्ट्स की स्टडी के अलावा दो अन्य स्टडीज की रिपोर्ट

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करने के साथ डिम्ट्स की इस स्टडी के अलावा दो अन्य स्टडीज की रिपोर्ट भी दी है, जो कुछ अन्य संस्थानों ने अपने स्तर पर की थी और जिनको आधार बनाकर ट्रांसपोर्ट विभाग ने वर्ष 2016 में इस योजना को लागू करने का समर्थन किया था।  


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