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कौन था टॉप कमांडर माड़वी हिडमा? जो मुठभेड़ में ढेर, पत्नी समेत 5 खूंखार नक्सली भी मार गिराए

Maoist commander Madvi Hidma killed: एक करोड़ के इनामी टॉप नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा को सुरक्षाबलों ने आज मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया. उसके साथ पत्नी समेत चार खूंखार अन्य नक्सली भी मारे गए. आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे मरेडपल्ली जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ अभी भी जारी है.

Maoist commander Madvi Hidma killed: छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कई नक्सली हमलों में वांछित एक करोड़ के इनामी टॉप कमांडर माड़वी हिडमा और पत्नी समेत 6 खूंखार नक्सलियों को आज सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. कमांडर माड़वी हिडमा 26 से ज्यादा नक्सली हमलों के अलावा कांग्रेस नेताओं की हत्या और CRPF जवानों की हत्या में शामिल था. आंध्र प्रदेश की एलीट फोर्स ग्रे हाउंड्स के साथ साथ छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम को नक्सलियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. ग्रे हाउंड्स के जवान जैसे ही मरेडपल्ली के घने जंगलों में पहुंचे, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी मुस्तैदी से जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कमांडर माड़वी हिडमा मारा गया.

कौन था एक करोड़ का इनामी माड़वी हिडमा

एक करोड़ का इनामी माड़वी हिडमा नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड था. छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र के घने जंगलों छिपकर वो सुरक्षा बलों पर अटैक किया करता था. 25 मई 2013 में हुई झीरम घाटी की घटना का मास्टरमाइंड भी उसे माना जाता है. साल 2013 का झीरम और 2021 का बीजापुर हमला भी शामिल था. अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमलों का साजिश भी हिड़मा ने ही रचा था. इस हमले में सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हो गए थे. इसके अलावा दंतेवाड़ा हमले का नेतृत्व भी हिड़मा ने ही किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे. 2019 में रावुला श्रीनिवास रमन्ना की मौत के बाद हिड़मा को नक्सलियों का कमांडर बना बनाया गया था.

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29 साल से नक्सलियों से जुड़ा था माड़वी हिडमा

माड़वी हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था. साल 1996 में नक्सलियों से जुड़ा था. 16 साल की उम्र में उसके गांव पूर्वती में नक्सलियों की राज्य कमेटी ने उसे चुना था. दुबला पतला, लेकिन हिड़मा काफी चुस्त और तेज-तर्रार था. वो चीजों को बहुत तेजी से सीखता था. ट्रेनिंग के बाद हिडमा की पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में की गई थी. 2010 में ताड़मेटला में 76 जवानों की हत्या के बाद उसे संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई. झीरम घाटी के हमले की प्लानिंग भी हिडमा ने ही तैयार की. 2017 में सुकमा के बुर्कापाल में सेंट्रल रिजर्व फोर्स पर हुए हमले का मास्टरमाइंड भी था.

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