Raman Singh Interview News 24: छत्तीसगढ़ चुनाव में जहां कांग्रेस एक बार फिर उम्मीद कर रही है कि उसकी योजनाएं जनता का दिल जीतने में कामयाब होंगी, तो वहीं बीजेपी पुरानी गलतियों से सबक लेकर लोगों के भरोसे पर खरा उतरना चाह रही है। सियासी सुर्खियों के बीच छत्तीसगढ़ के 15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह ने न्यूज 24 के कंसल्टिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन के साथ खास बातचीत की। रमन सिंह खुद राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने खास बातचीत में बीजेपी की रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।
रमन सिंह ने चुनाव लड़ने के बारे में कहा- मेरा नाम प्रॉसेस में था। हम लोगों के नाम पर बाद में चर्चा हुई। मेरे दिमाग में था कि यदि मुझसे पूछा जाएगा कि किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, तो मैं राजनांदगांव का नाम लूंगा। हालांकि पार्टी के साथ पहले ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई थी। हम पार्टी के आदेश के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
2018 में हार कैसे हुई?
रमन सिंह ने इस सवाल का जवाब साफगोई से दिया। उन्होंने कहा- हमने 15 साल सरकार चलाई, लेकिन 2018 में सत्ता विरोधी लहर रही। वहीं, धान पर बोनस वापस लिया जाना भी एक बड़ी वजह रही। हम ये बोनस नहीं दे पाए। अब 3200 रुपये पर सहमति बनी है। पिछले चुनाव से हमने काफी कुछ सीखा है। हमने मोदी गारंटी की भी बात कही है। हमें उम्मीद है कि इस बार लोगों का भरोसा जीतने में सफल होंगे।
बीजेपी ने दिए रोजगार के अवसर
पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर रमन सिंह ने कहा- बेरोजगारी छत्तीसगढ़ और देश के लिए बड़ी समस्या है। नेशनल हाइवे, इंफ्रास्ट्रक्चर से नए जॉब पैदा हो रहे हैं। मेरे ख्याल में सिर्फ सरकारी बाबू बनाना ही जॉब नहीं है। अगर आपने प्रोडक्शन बढ़ाया है तो भी जॉब के मौके मिलते हैं। बीजेपी ने हाइवेज बनाकर ये काम किया है।
धर्मांतरण का इससे बड़ा सबूत क्या होगा
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे पर रमन सिंह ने कहा, इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि एसपी को खुद सीएम को चिट्ठी लिखनी पड़ी कि यदि इसे नहीं रोका गया तो नतीजे गंभीर होंगे। नारायणपुर में आदिवासियों का धर्मांतरण बलपूर्वक हो रहा है। आप सरगुजा चले जाएं, जसपुर, कोंकणा चले जाएं, वहां की 50 प्रतिशत आबादी कंवर्ट हो चुकी है। हालांकि वे अभी भी आरक्षण का लाभ लेने के लिए अपने आगे आदिवासी लिख रहे हैं। लेकिन कंवर्जन लीगल है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, गरीब का धर्मांतरण उसका शोषण है।
भ्रष्टाचार पर जांच एजेंसियों की नजर
छत्तीसगढ़ में ईडी की रेड के सवाल पर रमन सिंह ने कहा कि यदि खुलेआम अवैध शराब बेची जाएगी, कोयले में भ्रष्टाचार होगा, महादेव एप जैसे घोटाले होंगे, तो जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई करेंगी। भूपेश बघेल के सचिवालय के तीन अधिकारी इसमें इंवॉल्व हैं। यदि मैं गलत नहीं हूं तो क्यों डरूंगा। 10 साल सरकार में मेरे खिलाफ एक भी दस्तावेज नहीं आया। हमने चीजों को सिस्टम बनाकर किया।
मेरे बेटे का कोई नाम नहीं
पनामा पेपर में रमन सिंह के बेटे का नाम आने के सवाल पर उन्होंने कहा- मेरे बेटे का इससे कोई संबंध नहीं है। भूपेश बघेल के पास कथित रेलवे प्रोजेक्ट से संबंधित कोई डॉक्यूमेंट नहीं है। ये एक हाइपोथेटिकल प्रश्न है।
क्या बीजेपी टीएस सिंहदेव को एप्रोच करती है?
रमन सिंह ने इस सवाल के जवाब में कहा, कांग्रेस पूरी तरह से विभाजित है। हम क्यों किसी के दर पर जाएंगे। यदि वे आएंगे तो बात अलग है। बीजेपी के पास उतनी फुर्सत नहीं है। छत्तीसगढ़ बीजेपी में नेतृत्व की अगली पीढ़ी के सवाल पर रमन सिंह ने कहा, कई नेता हैं। बृजमोहन, राम सहाय जैसे कई नाम हैं, जो सामूहिक नेतृत्व में काम कर रहे हैं।