Chhattisgarh News: 21 मई की सुबह से ही छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में डीआरजी संयुक्त बल के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 27 नक्सलियों की मौत हुई। इनमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव बसवराजू भी शामिल था। छत्तीसगढ़ में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पी. सुंदरराज ने इस मुठभेड़ पर कहा कि 'बसवराजू सुरक्षा बलों और जनप्रतिनिधियों पर कई नक्सली हमलों की योजना बनाने में शामिल रहा है।' यह करीब 200 से अधिक नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है। उन्होंने बसवराजू की हत्या को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
हमलों में बसवराजू की भूमिका
IG सुंदरराज ने कहा कि पिछले कुछ सालों में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों में नक्सलियों के सभी हमलों में बसवराजू की भूमिका रही थी। वह माओवादियों के केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) का कमांडर-इन-चीफ भी था। आईजी ने आगे कहा कि 'पिछले 2 से 3 सालों में वह सीपीआई (माओवादी) का महासचिव था। सुरक्षा बलों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ कई हमलों की साजिश में उसकी भूमिका रही।
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बसवराजू आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले का रहने वाला था, जो करीब 70 साल का था। उसने ने बी.टेक किया था। हम उसके और ऑपरेशन में मारे गए अन्य माओवादियों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं।' आपको बता दें कि 1970 में बसवराजू ने अपना घर छोड़ दिया था और माओवादी संगठन में शामिल हो गया। इस दौरान उसे 1987 में बस्तर में जंगल में लगे लिट्टे के कैंप में बम बनाने और एबुंश की ट्रेनिंग मिली थी।
क्या-क्या हुआ बरामद?
इस दौरान, भारी मात्रा में एके-47 राइफल, एसएलआर-इंसास कार्बाइन और अन्य हथियारों के साथ गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। इस ऑपरेशन में एक DRG जवान भी शहीद हो गया। वहीं, कई अन्य घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नारायणपुर जिले में इस बड़े अभियान के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की है।
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