समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को सुपौल जिले के निर्मली पहुंचे. यहां उन्होंने निर्मली रिंग बांध का निरीक्षण किया और इसके बाद अनुमंडल कार्यालय निर्मली मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया और जिले में 569 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 213 योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया. इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया.

इस मौके पर मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा, मद्य निषेध, योजना-विकास एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, लौकहा विधायक सतीश कुमार साह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

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जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में बिहार में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत कोसी क्षेत्र के सुपौल से की गई है. इस दौरान उन्होंने आम लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए विकास का रोडमैप तैयार कर लिया है. इसके तहत बिहार को एक सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है.

नीतीश कुमार ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि सरकार ने सात बिंदुओं पर आधारित विकास योजना तैयार की है, जिसमें प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना, महिलाओं को दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देना और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं ताकि उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हों. उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में बिहार विकास के नए मुकाम पर पहुंचेगा.