लड़की का कहना है कि वह खुद ही परिवार से भागी थी। उसके परिवार वाले उसकी शादी (Marriage) कराना चाहते थे। लेकिन वह अपनी जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहती थी। उसने अपील की है कि उसकी जानकारी सार्वजनिक न की जाए। इससे उसकी नौकरी (Service) खतरे में पड़ सकती है।
रिव्यू मीटिंग में हुआ खुलासा
साल 2018 में लड़की के परिवार ने अपहरण (Kidnapping) का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने खोजबीन भी की लेकिन लड़की का कुछ नहीं पता चल सका। इसके बाद पुलिस ने मामले की फाइल बंद कर दी। अब 5 साल बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने लंबित मामलों की रिव्यू मीटिंग की तब यह मामला फिर बाहर आया। इस केस के जांच अधिकारी ने बताया कि जब हमने फिर से जांच शुरू की तो पता चला कि लड़की दिल्ली (Delhi) में है। हमने उससे संपर्क कर कोर्ट में बयान दर्ज कराने को कहा।
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परिवार की आर्थिक स्थिति थी खराब
पुलिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसके पिता मजदूर हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। वह शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए वह किसी को बिना बताए दिल्ली चली गई। वहां पढ़ाई शुरू कर दी।
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