बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी. कंकड़बाग थाना क्षेत्र के लोहियानगर में महज 200 रुपये और सिगरेट के विवाद में 22 वर्षीय गौरव कुमार को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर चाकू से गोद दिया गया. इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग पुलिस की गश्त पर सवाल उठा रहे हैं. मृतक गौरव बीए पार्ट-1 का छात्र था और हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए गांव से पटना आया था, लेकिन उसे क्या पता था कि एक मामूली झगड़ा उसकी जान ले लेगा.
200 रुपये के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद
घटना की शुरुआत मंगलवार शाम को एमआईजी पार्क के पास हुई थी. मृतक के भाई सौरव ने बताया कि गौरव ने एक परिचित युवक को चाय और सिगरेट लाने के लिए 200 रुपये दिए थे. जब उस युवक ने न तो सामान लाया और न ही पैसे वापस किए, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई. यह कहासुनी जल्द ही हाथापाई में बदल गई और वहां मौजूद कुछ अन्य लड़कों ने मिलकर गौरव की पिटाई कर दी. उस वक्त तो मामला शांत हो गया और घायल गौरव ने अपने घर पहुंचकर परिजनों को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोपी वहीं नहीं रुके और गौरव का पीछा करते हुए उसके ठिकाने तक पहुंच गए.
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हथियारों से लैस बदमाशों का दुकान पर हमला
मंगलवार की रात करीब 15 से 20 की संख्या में उपद्रवी युवक लाठी, डंडे और धारदार चाकू लेकर लोहियानगर स्थित रानी स्टील शटर की दुकान पर धावा बोल दिया. परिजनों का कहना है कि वे लोग पहले से ही दुकान के आसपास रेकी कर रहे थे. जैसे ही मौका मिला, बदमाशों ने दुकान के गेट पर ही गौरव को घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ वार करने लगे. बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी बदमाशों ने पीटा, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए. खून से लथपथ गौरव को तुरंत पास के नेक्टर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठते सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही कंकड़बाग पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. एएसपी अभिनव ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. गौरव मूल रूप से लखीसराय का रहने वाला था और उसके पिता पटना में छोटा कारोबार करते हैं. इस घटना ने पटना की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे दर्जनों लड़के हथियारों के साथ सड़क पर तांडव मचाते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी.