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‘नायक’ फिल्म वाला अंदाज, गणतंत्र दिवस पर एक दिन के लिए ‘मुखिया’ बनेगी बिहार की बेटी

बिहार के पूर्वी चंपारण में गणतंत्र दिवस पर एक छात्रा एक दिन की मुखिया बनेगी. वह झंडा फहराएगी और पंचायत के फैसले लेगी ताकि बेटियों में आगे बढ़ने का हौसला जगे.

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जो 'नायक' फिल्म की याद दिलाती है. गोढ़वा ग्राम पंचायत में इस साल 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर एक किशोरी को एक दिन के लिए मुखिया बनाया जाएगा. वह न केवल तिरंगा फहराएगी बल्कि ग्राम सभा की अध्यक्षता भी करेगी और पंचायत के विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों को देखकर उन पर मुहर लगाएगी. इस पहल का असली मकसद ग्रामीण इलाकों की बेटियों में लीडरशिप क्वालिटी यानी नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था की बारीकियों को समझाना है ताकि वे समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें.

कैसे होगा इस किशोरी मुखिया का चयन?

इस दिलचस्प प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कक्षा 6 से लेकर 9 तक की छात्राओं से आवेदन मांगे गए थे जिनमें अब तक 50 से ज्यादा किशोरियों ने अपनी दावेदारी पेश की है. चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखने के लिए एक लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है जिसके प्रश्न पत्र बाहर से तैयार कराए गए हैं. एक तीन सदस्यीय जूरी परीक्षा के परिणामों के आधार पर तीन टॉप किशोरियों को चुनेगी. पहले स्थान पर रहने वाली छात्रा को एक दिन की मुखिया का गौरव मिलेगा जबकि दूसरे और तीसरे स्थान वाली लड़कियां ग्राम सभा में अहम सुझाव देंगी और योजनाओं का निरीक्षण करेंगी.

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हैदराबाद से आया यह क्रांतिकारी विचार

पंचायत के वर्तमान मुखिया राजू बैठा को इस अभिनव प्रयोग का विचार हैदराबाद में हुए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान आया था. वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के विजन को जमीनी स्तर पर उतारना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने 15 अगस्त को ग्राम सभा में यह प्रस्ताव रखा जिसे गांव वालों ने सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया. चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है ताकि बिना किसी भेदभाव के सबसे काबिल बेटी को ही यह जिम्मेदारी मिले. इस प्रयोग से गांव की अन्य लड़कियां भी प्रेरित हो रही हैं और उनके परिवारों में भी बेटियों की शिक्षा और नेतृत्व को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है.

महिलाओं को समर्पित गणतंत्र दिवस समारोह

गोढ़वा पंचायत ने इस बार गणतंत्र दिवस को पूरी तरह नारी शक्ति के नाम करने का फैसला किया है. समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर केवल महिलाओं को ही आमंत्रित किया जा रहा है जिससे यह संदेश जाए कि ग्रामीण विकास में आधी आबादी की भागीदारी कितनी जरूरी है. मुखिया का मानना है कि इस तरह के नवाचार से न केवल लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि समाज की पुरानी सोच में भी बदलाव आएगा. यह पहल बिहार सरकार द्वारा बालिका शिक्षा और महिला अधिकारों के लिए किए जा रहे प्रयासों को एक नई दिशा देगी जिससे आने वाले समय में गांव की सरकार में महिलाओं का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा.


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