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सीएम नीतीश 7 सितंबर को करेंगे महिला रोजगार योजना की शुरुआत, बिहार की अर्थव्यवस्था को होगा फायदा

Mahila Rojgar Yojana 2025 Bihar: सीएम नीतीश 7 सितंबर को महिला रोजगार योजना की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। इसी के साथ बिहार को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। इसके तहत महिलाओं के खाते में रुपये भेजे जाएंगे।

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सीएम नीतीश कुमार करेंगे महिला रोजगार योजना की शुरुआत।

Mahila Rojgar Yojana 2025 Bihar: बिहार में महिलाओं को उद्यमी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है। कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिलने के बाद 7 सितम्‍बर को सीएम इससे संबंधित दस्‍तावेज (निर्देशिका) जारी करेंगे। इसके बाद इस योजना की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। फिर महिलाओं को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

एक नए युग की शुरुआत- मंत्री श्रवण कुमार

इस योजना के लिए ग्रामीण विकास विभाग को नोडल ऑफिस बनाया गया है। विभागीय मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, इस पहल से न केवल महिलाएं बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। ये एक नए युग की शुरुआत है। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना है। महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो सभी की प्रगति होगी।

भेजी जाएगी 10 हजार रुपये की पहली किस्त

श्रवण कुमार के अनुसार, सीएम नीतीश नेतृत्व में 10 हजार रुपये की पहली किस्‍त इसी माह (सितम्‍बर) में 1-1 परिवार की एक महिला को उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद रोजगार शुरू करने के बाद 2 लाख रुपये और दिए जाएंगे। मंत्री का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था उभरेगी और परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा। इसी के साथ स्थानीय स्तर पर भी नए अवसर पैदा होंगे। इससे पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। बिहार आत्मनिर्भर बनने की ओर मजबूती से बढ़ेगा।

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7 सितंबर से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

जानकारी के अनुसार, 7 सितम्बर 2025 को ग्राम स्तर पर आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू होगी। नगर निकाय क्षेत्रों के लिए वेब पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि शहरी क्षेत्र की महिलाएं आसानी से आवेदन कर सकें। श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने स्वयं सहायता समूहों के गठन के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर जीविका का मॉडल विकसित किया है।

38 लाख महिलाएं बनीं लखपति

मंत्री का कहना है कि अब तक लगभग 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित हो चुके हैं। इन समूहों से 1 करोड़ 40 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं। जीविका से जुड़कर लगभग 38 लाख महिलाएं लखपति बन गई हैं। हाल में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें 60 हजार गांवों में 1 करोड़ 55 लाख से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया।

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