अमिताभ ओझा, पटनाBihar Politics : बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से रोजाना कुछ नया हो रहा है। अब फ्लोर टेस्ट के बाद मंगलवार को यहां से बड़ी खबर आ रही है।यहां भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल को कोर्ट ने हत्या के मामले में 20 वर्ष की सज़ा सुनाई है। सजा के बाद अब उनकी सदस्यता जा सकती है। वह साल 2015 में जे पी सिंह हत्या कांड में आरोपी थे।
विधायक समेत 22 अन्य को सुनाई गई है सजा
जानकारी के अनुसार मनोज मंजिल बिहार के भोजपुर जिले के अगिआंव सुरक्षित विधानसभा सीट से विधायक हैं। मंगलवार को जिला अदालत ने भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल समेत 22 अन्य आरोपियों को सजा सुनाई है। अदालत में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
महागठबंधन को होगा यह नुकसान
फ्लोर टेस्ट के बाद महागठबंधन के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है। अब विधायक की सदस्यता रद्द होने की आधिकारिक घोषणा होगी। जिसके बाद जल्द ही अगिआंव सुरक्षित विधानसभा से मतदान करवाने पड़ेंगे। पुलिस के अनुसार विधायक व अन्य को हत्या के मामले में सजा सुनाई गई है। यह मामला साल 2015 का है।
शव को लगा दिया था ठिकाने
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला अजीमाबाद थाने के बड़गांव नारियाडीह गांव का है। यहां जयप्रकाश सिंह अपने पुत्र के साथ बाजार से घर लौट रहे थे तभी रास्ते में विधायक मनोज मंजिल सहित 22 अन्य आरोपियों ने उन पर लाठी डंडे से हमला बोल दिया था। इस हमले में जयप्रकाश सिंह की मौत हो गई थी। आरोप था कि हत्यारों ने उनकी लाश को भी गायब कर दिया था।
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9 साल में कई बार पीड़ित परिवार पर बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार जयप्रकाश सिंह का बेटा किसी तरह जिंदा बच गया। 20 अगस्त 2015 को उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। 9 साल यह मामला विचारधीन रहा। इस बीच विधायक और उसके साथियों ने पीड़ित के परिवार को मामला रफा-दफा करने के लिए भी दबाव बनाया। अब कोर्ट ने मामले में सश्रम आजीवन कारावास की सजा के साथ 22 दोषियों पर 10-10 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय पुलिस ने विधायक मनोज मंजिल समेत 22 दोषियों को गिरफ्तार कर लिया है।