बिहार चुनाव 2025: बिहार चुनाव के लिए सभी दलों की ओर से प्रचार अभियान तेज हो गया है. जब-जब चुनाव आते हैं तब-तब नेताओं का पार्टी बदलना होता है. कई विधायक और मंत्री एक दल से दूसरे दल का रूख करते हैं. इससे पार्टियों रो तो नुकसान होता ही है लेकिन जनता को भी होता है. दरअसल, कई बार जनता के सामने प्रत्याशी और पार्टी में से चुनाव करना कठिन हो जाता है.
इस बार भी बिहार विधानसभा चुनाव में दल बदलु विधायकों वाला नजारा दिखा, जब एक नहीं 14 विधानसभाओं के नेताओं ने अपने दल बदलें. आइए जानते हैं इनके बारे में.
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1.मनेर विधानसभा के तीन उम्मीदवारों ने पार्टी बदली
मनेर पटना जिले की विधानसभा सीट है. यहां से नेता शंकर यादव ने अब राजद का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने अब जन शक्ति जनता दल का दामन थाम लिया है और वहां से चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा, संदीप सिंह भी जन सुराज से उम्मीदवार बने हैं, जो पहले जन शक्ति जनता दल का हिस्सा थे. वहीं, गोपाल सिंह जो पहले बीजेपी के साथ थे, अब जन सुराज से उम्मीदवार है.
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2.बिक्रम विधानसभा से बीजेपी-कांग्रेस के उम्मीदवारों की अदला-बदली
बिक्रम विधानसभा भी पटना की महत्वपूर्ण सीट है. सिद्धार्थ सौरव जो पहले कांग्रेस के साथ थे और बिहार विधानसभा में दो बार सदस्य रह चुके हैं. उन्होंने 2024 में बीजेपी ज्वॉइन की थी. इस बार वे भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट से ही बीजेपी के अनिल शर्मा अब कांग्रेस के साथ आ गए हैं.
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3.बार-बार बदला पाला फिर भी लोगों ने दिया साथ
फुलवारीशरीफ विधानसभा के उम्मीदवार श्याम रजक इस सीट से 6 बार विधायक रहे चुके हैं. उन्होंने पहले जनता दल की टिकट से चुनाव लड़ा, फिर आरजेडी की टिकट पर 3 बार और JDU के टिकट से दो बार चुनाव लड़ा है. उन्हें सबसे बड़ा दल बदलु विधायक माना जाता है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनकी इस सीट पर मजबूत पकड़ है.
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4.पालीगंज में भी ऐसा ही हाल
पालीगंज विधानसभा सीट से विधायक रह चुके राजद के उम्मीदवार सुनील कुमार यादव अब चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के साथ आ गए हैं. दरअसल, RJD ने उनका टिकट काट दिया था जिस बात से नाराजगी से उन्होंने लोजपा में शामिल होने का फैसला लिया है. दूसरी ओर इस सीट से जन सुराज ने डॉ श्याम नंदन शर्मा को टिकट दिया है. डॉ श्याम नंदन शर्मा लंबे से CPI के समर्थक रहे हैं.
5.मोकामा विधानसभा सीट
बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह इस सीट पर काफी लंबे समय से बने हुए हैं. हालांकि, उनका पूर्ण समर्थन नीतीश कुमार और जदयू के साथ ही है लेकिन उन्होंने भी पहले कई बार निर्दलीय और राजद की टिकट से चुनाव लड़ा है. इस बार उनके सामने बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी चुनाव लड़ रही है जिन्हें राजद ने टिकट दिया है. इससे पहले सूरजभान और उनकी पत्नी पशुपतिनाश पारस की लोजपा में थे.
इसके अलावा, मसौढ़ी विधानसभा, पटना विधानसभा और दानापुर विधानसभा सीट पर भी ऐसा ही हाल है. इन सीटों पर भी NDA दल के नेताओं ने अब जन सुराज में शामिल होकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.
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