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बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट: 12.79 लाख छात्र हुए पास, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

इस बार के मैट्रिक रिजल्ट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। छात्र-छात्राओं की सफलता ने पूरे राज्य में जश्न का माहौल बना दिया है। अब उम्मीद है कि आगे भी बिहार के छात्र ऐसे ही सफलता की नई इबारत लिखते रहेंगे।

nitish kumar
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो गया है और इस साल भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल 15 लाख 58 हजार 77 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 12 लाख 79 हजार 294 छात्र सफल हुए हैं। सबसे खास बात यह रही कि इस बार दो छात्राओं और एक छात्र ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सफल छात्रों को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "लड़कियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। यह दिखाता है कि उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे हर क्षेत्र में प्रगति कर रही हैं। उनकी मेहनत रंग लाई है और उनके अभिभावक भी इस सफलता के लिए बधाई के पात्र हैं।"

इतिहास में सबसे तेज रिजल्ट

बिहार बोर्ड ने इस साल कम समय में परीक्षा का रिजल्ट जारी कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और शिक्षा विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इतने जल्दी रिजल्ट आने से छात्रों को आगे की कक्षाओं में दाखिले के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। उन्होंने कहा, "यह कदम छात्रों का हौसला बढ़ाने वाला है।"

छात्राओं ने फिर दिखाया दम

रिजल्ट में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से भी बेहतर रहा है। इस बार टॉपर्स लिस्ट में छात्राओं ने जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है। इससे यह साफ हो गया है कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

मेहनत और योजना का नतीजा

इस साल की सफलता के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का बड़ा योगदान है। वहीं, सरकार की कई योजनाओं ने भी शिक्षा को बढ़ावा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा को लेकर सरकार कई ठोस कदम उठा रही है, जिसका असर अब साफ नजर आ रहा है।

आगे क्या करें छात्र?

रिजल्ट आने के बाद अब छात्रों को अपने करियर की अगली योजना बनाने का समय है। जो छात्र अच्छे अंकों से पास हुए हैं, वे अपने पसंदीदा स्ट्रीम (साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स) में 11वीं में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और स्किल डिवेलपमेंट पर भी ध्यान देना चाहिए।

पढ़ाई के साथ आत्मविश्वास भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास और सही दिशा में प्रयास करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, "हर छात्र में कुछ न कुछ खासियत होती है। अपनी रुचि के अनुसार मेहनत करें और अपने सपनों को साकार करें।"


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