रिपोर्ट, मनोज कुमार: बिहार में इन दिनों इलेक्शन को लेकर सभी पार्टियां जनता को साधने की कोशिश में लगी हैं। इसी बीच जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद के मुस्लिम होने का दर्द बयान किया है। उन्होंने एक मंच से जनता को संबोधित करते हुए अपना दुख बयान किया है। इस दौरान पूर्व नेता ने अपने पुराने एक मामले को याद किया, जिसको लेकर उन्होंने कहा कि मेरे जय श्री राम बोलने के बाद मेरे खिलाफ फतवा जारी किया गया। आपको बता दें कि खुर्शीद आलम ने सिकटा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का बहुत पहले ही ऐलान कर दिया था।
पूर्व नेता का छलका दर्द
हाल ही में जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद मैनाटाड यादव कुशवाहा सभा में शामिल हुए, जहां पर उन्होंने जनता को संबोधित किया। इस दौरान उनका मुस्लिम होने का दर्द भी छलका। खुर्शीद ने दावा किया कि उन्होंने क्षेत्र में 63 मंदिर बनवाए हैं, लेकिन किसी ने 63 ईंटें नहीं दी है। उन्होंने कहा कि 'आप लोगों को भगवान माफ नहीं करेगा, आप लोगों का मंदिर मैं बनाऊं, आपके दुख में मैं साथ खड़ा रहूं, आपकी समस्या का समाधान मैं करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि जब पटना में रहता था तो लोगों को देखता था कि कोई बिना कंबल के तो नहीं सो गया, लेकिन मेरे साथ क्या हुआ?
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मेरे खिलाफ फतवा जारी हुआ- खुर्शीद आलम
खुर्शीद आलम ने कहा कि 'मैंने जय श्री राम बोला था, तो मुझ पर फतवा जारी हुआ था। इसके बाद मुझे दुबारा शादी का कलमा पढ़ना पड़ा था। 2020 में मुसलमानों ने मुझे CAA और NRC की वजह से वोट नहीं दिया। अब फिर वक्फ बिल आ गया है, मुझे मेरे नहीं अपनाएंगे, आप हिंदू मुझे गैर होकर गले लगा लें।' उन्होंने कहा कि मैंने 63 क्षेत्र में मंदिर बनाया है, मैं हिंदुओं के लिए बहुत काम किया हूं। आपको बता दें कि जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम सिकटा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान बहुत पहले ही कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें अपने आप पर मुस्लिम होने का डर सता रहा है।
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