Video Calls Exposed Education System In Bihar(अमिताभ ओझा): बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ स्कूलों में मास्टर साहब को वीडियो कॉल करके स्कूल की व्यवस्था देख रहे हैं, लेकिन इस दौरान सिस्टम की पोल भी खुल रही है। पिछले दो साल के दौरान शिक्षा विभाग ने भारी भरकम राशि स्कूलों के भवन निर्माण, बेंच डेस्क और रंगाई पुताई पर खर्च की गई है, लेकिन इस वीडियो कॉल के दौरान स्कूलों की हकीकत सामने आ रही है।
दरअसल, ऐसी ही एक तस्वीर एस सिद्धार्थ के वीडियो कॉल के दौरान देखने को मिली। आपको बता दें, शिक्षा विभाग एसीएस एस.सिद्धार्थ ने शुक्रवार की सुबह कटिहार जिले के नावकोठी के स्कूल में वीडियो कॉल किया और वहां की व्यवस्था देख एस सिद्धार्थ भी दंग रह गए।
यहां बच्चों को क्लास रूम में नहीं बल्कि बाहर मैदान में दरी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। सबसे बड़ी बात यह थी कि इस दौरान एक ही जगह सभी बच्चों को बैठाया गया था। जबकि वह स्कूल प्राइमरी था, लिहाजा हर क्लास के बच्चे अलग-अलग बैठते, लेकिन ऐसा कुछ दिखा नहीं।
एस सिद्धार्थ ने कहा कि कौन सा स्कूल है और उसके बाद उनको जवाब दिया जाता है कि यह नवा टोली स्कूल है। उसके बाद एस सिद्धार्थ शिक्षक को बोलते हैं कि सभी क्लास रूम को दिखाएं। इस दौरान शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पूछते हैं कि अभी क्या कुछ कर रहे हैं तो इसके जवाब में शिक्षक कहते हैं कि क्लास चलाई जा रही हैं।
प्रमुख सचिव ने किए सवाल
शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि क्लास 3 को दिखाएं, तो इस दौरान एस सिद्धार्थ को नजर आता है कि बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने टीचर से सवाल किया कि बच्चे जमीन पर क्यों बैठे हैं? इसके जवाब में टीचर कहते हैं कि सर यह प्राइमरी स्कूल है और इसकी बिल्डिंग नहीं बनी है। ऐसे में बच्चों को बाहर मैदान में बिठाया गया है। हम लोगों को ना तो बेंच डेस्क मिला है और ना ही सरकारी फंड से विद्यालय में कोई काम हुआ है।
इसके बाद एस सिद्धार्थ ने देखा कि पीछे कुछ बिल्डिंग बनी हुई है, तो वह सवाल करते हैं कि यह बिल्डिंग कौन सी है, तो इसके जवाब में शिक्षक कहते हैं कि इसे हमने ग्रामीणों के सहयोग से बनवाया है। इसके बाद प्रमुख सचिव पूछते हैं कि विद्यालय में कितने शिक्षक हैं, तो बताया कि शिक्षक की संख्या तो 6 है, लेकिन आज एक अनुपस्थित है और उन्होंने छुट्टी ली है।
इधर, शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव देखते हैं कि स्कूल की जमीन पर ग्रामीणों ने धान की फसल रख दी है। उसके बाद फिर से सवाल करते हैं कि आखिर यह ज्ञान की फसल यहां क्यों रखी गई है, तो हेड मास्टर ने कहा कि यह शाम में स्कूल बंद होने के बाद ग्रामीणों ने रख दिया है और सुबह जब स्कूल आए तो मैंने उन्हें इसे हटाने के लिए कहा है।
इसके बाद प्रमुख सचिव ने कही कि हम वहां किसी को निरीक्षण के लिए भेज रहे हैं। आपको बता दें, अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने गुरुवार से हर दिन दस स्कूलों में वीडियो कॉल करना शुरू किया है। इन स्कूलों का चयन भी उनके द्वारा ई शिक्षा कोष पोर्टल से रेंडमली किया जाता है।
ये भी पढ़ें- बिहार के सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधारेंगे ACS सिद्धार्थ, रिवील किया सरकारी फरमान
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