Bihar Business Connect 2024 (Amitabh Ojha): दो दिवसीय बिहार बिजनेस कनेक्ट में बिहार को रिकॉर्ड निवेश मिला है। इस दो दिनों के बिजनेस समिट के दौरान 180,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव साइन हुए। जो मुख्यतः ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में हुई है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बिहार बिजनेस कनेक्ट की सफलता का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि इससे पहले कभी भी बिहार मे इतना बड़ा निवेश का प्रस्ताव नहीं आया था।
पटना के ज्ञान भवन मे दो दिनों तक चले इस बिजनेस कनेक्ट मे 350 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। पहले दिन जहां एक लाख करोड़ रुपये के निवेश पर साइन हुए। वहीं समाप्ति तक यह आंकड़ा 1लाख 80 हजार करोड़ रूपये तक पहुंच गया। कंपनियों ने खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, विनिर्माण, सीमेंट उद्योग, बेवरेज, और पर्यटन आदि क्षेत्रो मे निवेश मे इच्छा जताई है।
आईटी में 40 कंपनियों ने किया निवेश
आईटी सेक्टर में 40 से ज्यादा कंपनियों ने निवेश के लिए साइन किये है। जयश्री टेक्नोलॉजी, सुपरसेवा, एक्सेल डॉट, ए बी पी एल सहित कई कम्पनियों ने आईटी विभाग के साथ एम एम यू पर साइन किये। आईटी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह के अनुसार यदि कोई कंपनी 100 करोड़ का निवेश करती है तो उसे करोड़ रुपये इंसेंटिव के तौर पर मिलता है। यह किसी भी राज्य मे मिलने वाले सबसे बड़ा इंसेंटिव है।
पर्यटन-ऊर्जा में निवेश की कई संभावनाएं
पर्यटन सेक्टर में पर्यटन नीति के तहत चार निवेशकों को चयन किया गया है. पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने चार परिजयोजनाओं को स्वीकृति पत्र दिया। इसमें बक्सर मे इस्टार्न ग्रेस फोर स्टार होटल निर्माण, मोतिहारी मे 4 स्टार लेमन ट्री होटल का निर्माण, रामानुज रिसोर्ट को फुलवारी शरीफ मे रिसोर्ट निर्माण और रोहतास मे वे साइड एमेनेटिज के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
ऊर्जा सेक्टर में बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 90,734 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों और समझौतों के साथ राज्य ने सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस पहल ने राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और हरित भविष्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में से एक के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूती प्रदान की है।
कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी
फ्लोटिंग सोलर और पंप स्टोरेज योजनाएं बिहार में स्वच्छ ऊर्जा के नए युग की शुरुआत करेंगी। इन परियोजनाओं से हजारों रोजगार सृजित होंगे एवं राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरणीय संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
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नवीकरणीय ऊर्जा में एक नई क्रांति
ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, “बिहार के जल स्रोतों और भौगोलिक स्थिति का उपयोग कर हम नवीकरणीय ऊर्जा में एक नई क्रांति ला सकते हैं। फ्लोटिंग सोलर और पंप स्टोरेज योजनाएं बिहार को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक होंगी। साथ ही, यह राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की दिशा में ले जाने का एक बड़ा कदम है।”इस अवसर पर ऊर्जा सचिव सह सीएमडी, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड, पंकज कुमार पाल ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को हर संभव सुविधा दी जा रही है। उन्हें आगे भी किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख निवेश
1. एनटीपीसी ग्रीन: 10,000 करोड़ रुपये का सोलर प्लांट।
2. एनएचपीसी: 5,500 करोड़ रुपये।
3. सतलज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन): 10,000 करोड़ रुपये का पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट ।
4. अशोका बिल्डकॉन: 9,000 करोड़ रुपये की ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना।
बिहार का हरित भविष्यः यह पहल बिहार को देश के हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ आर्थिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय प्रगति को गति प्रदान करेगी। फ्लोटिंग सोलर और पंप स्टोरेज योजनाओं के साथ बिहार ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल कायम करने के लिए तैयार है। बिहार बिजनेस कनेक्ट के अंतर्गत हुए इन समझौतों का सफल कार्यान्वयन राज्य के औद्योगिक और सतत विकास में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।
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सोलर प्रोजेक्ट पर रहेगा जोर
बिहार के पास जलमग्न क्षेत्रों का एक बड़ा भौगोलिक परिदृश्य है, जो फ्लोटिंग सोलर प्लांट परियोजनाओं के लिए आदर्श हैं। इस तकनीक का उपयोग न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि जल वाष्पीकरण को भी कम करेगा और जल स्रोतों का संरक्षण करेगा। इन परियोजनाओं के कई लाभ है। भूमि की आवश्यकता को समाप्त होगी, जिससे कृषि भूमि संरक्षित रहेगी।
जल स्रोतों का कुशल उपयोग और ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास संभव हो सकेगा। बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तालाबों, नहरों और जलाशयों को फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
बिहार में पंप स्टोरेज स्कीम को लागू करने के लिए शुरुआती सर्वेक्षण पूरे कर लिए गए हैं। दुर्गावती (कैमूर) और नवादा जिले में संभावित स्थानों की पहचान की गई है। ये परियोजनाएं न केवल बिजली उत्पादन को स्थिर बनाएंगी, बल्कि ग्रिड प्रबंधन में भी सहायक होगी।
बिहार बिजनेस कनेक्ट मे निवेश के प्रमुख प्रस्ताव
अदाणी इंटरप्राइजेज… 27,900 करोड़
सन पेट्रोकेमिकल्स…..36,700 करोड़
NHPC …5,500 करोड़
SLMG Beverage…3000 करोड़
Shree cement…..800 करोड़
Haldiram snacks….300 करोड़
10,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
बिहार बिजनेस कनेक्ट की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए उद्योग विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी कहती है सरकार के सामने अब उद्योगों को धरातल पर लाने की चुनौती है। हालांकि, जमीन की समस्या अब नहीं आएगी, क्योंकि सरकार ने उद्योगपतियों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने का वचन दिया है। इससे अनुमानित रूप से लगभग 10,000 लोगों को विभिन्न उद्योगों में रोजगार मिलने की संभावना है।
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