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Begusarai Firing: लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले बदमाश अबतक गिरफ्तार नहीं, बीजेपी ने कहा- लौटा जंगलराज

नई दिल्ली: बिहार में एकबार फिर बैखौफ बदमाशों का कहर टूटा है। यहां बेगूसराय में बाइक सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दोनों हमलावर अभी पुलिस की […]

नई दिल्ली: बिहार में एकबार फिर बैखौफ बदमाशों का कहर टूटा है। यहां बेगूसराय में बाइक सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दोनों हमलावर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि दोनों बदमाशों की धर पकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अभी तक लोगों पर गोलियां बरसाने वाले दोनों बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि बदमाशों की तस्वीरें सीसीटीवी कैद हो गई है। मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे के करीब नेशनल हाइवे 28 पर निकले इन बदमाशों ने एक के बाद एक कई जगहों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। कुल 11 लोगों को इन बदमाशों ने गोली मारी, जिनमें से एक चंदन कुमार नाम के शख्स की मौत हो गई। वहीं बेगूसराय गोलीकांड की घटना के बाद बिहार की महागठबंधन सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है और कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम नीतीश पर उठाए सवाल उठ रही है। पार्टी के नेताओं ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग कर दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह, सांसद सुशील बीजेपी मोदी हमलावर है। इनका कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही शहर में 6 जगह पर गोलीबार हुई हो। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि बिहार का दुर्भाग्य है कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। बिहार के मुख्यमंत्री को भय लगता है ये कहने में कि मैं जंगल राज का हूं, जिस दिन वे ऐसा कहेंगे वहां के उपमुख्यमंत्री उन्हें सत्ता से हटा देंगे। जब अपराधी बेखौफ हो जाते हैं तो बेगूसराय जैसी घटना घटती है। अपराधी बेखौफ गोलियां चलाते हैं, भय नाम की चीज खत्म हो गई है। नेता विपक्ष विजय कुमार सिन्हा ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार को घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके समर्थक बताते हैं कि एक ट्रेन दुर्घटना के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेकर रेल मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। आज भी नैतिकता का वही मानदंड लोगों के सामने रखने का वक्त है।


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