मुंबई महानगरपालिका(BMC) चुनाव से पहले वंचित बहुजन आघाड़ी(VBA) ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. दोनों पार्टियां साथ में बीएमसी चुनाव साथ लड़ने वाली हैं. इसी बीच वंचित बहुजन आघाड़ी ने मुंबई के पांच वार्डों में मैत्रीपूर्ण मुकाबला (फ्रेंडली फाइट) लड़ने का फैसला किया है. इस फैसले से इन पांचों वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. 15 जनवरी को होने वाले मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए कांग्रेस ने कुछ दिन पहले वंचित बहुजन आघाड़ी से गठबंधन करते हुए प्रकाश आंबेडकर को 62 सीटें देने पर सहमति जताई थी. इसके बाद वंचित ने लगभग 12 सीटें कांग्रेस को लौटाने की घोषणा की, जिससे वंचित 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की स्थिति में आ गई.
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पांच वार्डों में मैत्रीपूर्ण मुकाबला तय
हालांकि ये चर्चा थी कि नामांकन वापसी के आखिरी दिन शुक्रवार को इन वार्डों से वंचित बहुजन आघाड़ी अपने उम्मीदवारों के नाम वापस ले सकती है, लेकिन उसने सभी पांचों सीटों पर उम्मीदवार बनाए रखे हैं. इससे साफ हो गया है कि इन वार्डों में कांग्रेस और वंचित के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला होगा. मानखुर्द–शिवाजीनगर के वार्ड क्रमांक 140 (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) में कांग्रेस नेता और सांसद चंद्रकांत हंडोरे की बेटी को टिकट मिला है. इस वार्ड में वंचित ने सोहन सदामस्त को मैदान में उतारा है, जिससे मतों के बंटवारे की आशंका बढ़ गई है. यहां दलित मतदाताओं की संख्या ज्यादा है..
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दिलचस्प होगा समीकरण
वार्ड क्रमांक 116 (भांडुप) में कांग्रेस की संगीता तुलसकर के मुकाबले वंचित ने राजकन्या सरदार को उम्मीदवार बनाया है. वार्ड क्रमांक 133, जिसे कांग्रेस ने राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ा था, वंचित ने वहां से सुप्रिया जाधव को टिकट दिया है. वहीं वार्ड क्रमांक 181, शिव कोलीवाड़ा में कांग्रेस के कमलेश यादव के खिलाफ वंचित ने अजिंक्य पगारे को मैदान में उतारा है. इन फैसलों से मुंबई महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस–वंचित गठबंधन के भीतर सियासी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं
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