TrendingAI summitBangladesh electioniranDonald Trump

---विज्ञापन---

पाकिस्तान ने चीन से निभाई दोस्ती, अपने ही खिलाड़ियों को दे दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली: आतंक के पनाहगार चीन-पाकिस्तान एक-दूसरे के दोस्त हैं। यही वजह है कि वे इस दोस्ती को निभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पाकिस्तान ने अब एक बड़ा फैसला लेकर चौंका दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 8-15 जुलाई तक ताइवान में शुरू होने वाले एवीसी चैलेंज कप में […]

Pakistan Vollyball Team
नई दिल्ली: आतंक के पनाहगार चीन-पाकिस्तान एक-दूसरे के दोस्त हैं। यही वजह है कि वे इस दोस्ती को निभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पाकिस्तान ने अब एक बड़ा फैसला लेकर चौंका दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 8-15 जुलाई तक ताइवान में शुरू होने वाले एवीसी चैलेंज कप में अपनी टीम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

विदेश मंत्रालय ने दिए दिशानिर्देश 

एनओसी खारिज करने की खबर पाकिस्तान वॉलीबॉल फेडरेशन (पीवीएफ) और उन खिलाड़ियों के लिए एक झटका साबित हुई जो चिलचिलाती गर्मी में कड़ी मेहनत कर रहे थे। यह निर्णय इसलिए भी आश्चर्यजनक रहा क्योंकि 2016 में टीम ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चीनी ताइपे का दौरा किया था और तब एक भी आपत्ति नहीं आई थी। 'द न्यूज' के अनुसार विदेश कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि एक नीति दिशानिर्देश के तहत पाकिस्तान की टीमों को ताइवान में भागीदारी की अनुमति नहीं दी जाती। विदेश कार्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा गया है कि "दिशानिर्देश की भावना यह है कि पाकिस्तान की टीमों को ताइवान में आयोजित कार्यक्रमों में भाग नहीं लेना चाहिए।"

लग सकता है प्रतिबंध 

वहीं पीवीएफ के एक अधिकारी ने कहा- पाकिस्तान के लिए अंतिम समय में कार्यक्रम से हटना शर्मनाक होगा। चूंकि हमने 2016 में ताइवान में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लिया था, इसलिए हमें लगता है कि आगे बढ़ने में किसी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब स्थिति शर्मनाक है। आईओसी चार्टर सभी संबद्ध देशों से राजनीति से परे भाग लेने की मांग करता है। यह किसी देश पर प्रतिबंध लगा सकता है और किसी देश को ओलंपिक या एशियाई खेलों में भाग लेने से निलंबित कर सकता है। पीवीएफ के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ पाकिस्तान को भविष्य के आयोजनों से निलंबित करके हम पर प्रतिबंध लगा सकता है। यह एक बड़ा नुकसान होगा।"

ये है वजह

दरअसल, ताइवान खुद को आजाद मुल्क मानता है जबकि चीन उस पर अपना दावा ठोकता रहा है। चीन-ताइवान के बीच सीमा पर कई बार तनाव भी रह चुका है। यही वजह है कि पाकिस्तान चीन से दोस्ती निभाने के लिए अपनी टीम को ताइवान नहीं भेज रहा है।


Topics:

---विज्ञापन---