Exclusive, Ishan Kishan: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) की शुरुआत 9 फरवरी से नागपुर में होने जा रही है। बहु-प्रतीक्षित सीरीज से पहले इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या आउट ऑफ फॉर्म चल रहे ईशान किशन (Ishan Kishan) को ऋषभ पंत की गैर मौजूदगी में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी चाहिए या फिर केएस भरत को मौका मिलना चाहिए। ईशान और भरत दोनों ने ही टेस्ट डेब्यू नहीं किया है। ऐसे में ये देखने वाली बात होगी कि कौनसा खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू करता है, लेकिन ईशान किशन के कोच का मानना है कि टीम इंडिया (Team India) को निश्चित तौर पर अनुभवी खिलाड़ी को बैक करना चाहिए। ईशान के बचपन के कोच उत्तम मजूमदार ने न्यूज 24 से खास बातचीत में ईशान के टेस्ट डेब्यू की वजह बताईं।
नंबर 6 पर टीम इंडिया के लिए उपयोगी
मजूमदार ने कहा- ईशान एक अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज है। वह नंबर 6 पर टीम इंडिया के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे टीम इंडिया को जडेजा के साथ नंबर 7 तक बल्लेबाजी मिल जाएगी। ईशान का फॉर्म भले ही पिछले कुछ समय से खराब रहा है, लेकिन ऐसा हर खिलाड़ी के साथ होता है। पिछले कुछ साल से विराट कोहली का फॉर्म भी चिंता का विषय बन रहा था, लेकिन जब वे फॉर्म में लौटे, तो इतिहास रचते गए।
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ईशान सभी फॉर्मेट का खिलाड़ी
मजूमदार ने कहा- ईशान सभी फॉर्मेट का खिलाड़ी है। रणजी में उसने केरल के खिलाफ शानदार शतक लगाया। इसके साथ ही अपने दसवें वनडे में डबल सेंचुरी ठोक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। वह विदेशी धरती पर डबल सेंचुरी जड़ने वाला इंडिया का पहला प्लेयर भी बन गया था। जब वह 200 रन बना सकता है तो कुछ भी कर सकता है। बस उसे हिम्मत रखनी होगी। उसे अपनी शैली में परफॉर्म करने देने की जरूरत है।
टीम इंडिया का एसेट
मजूमदार ने आगे कहा- ईशान टीम इंडिया का एसेट है। वह एक ऐसा प्लेयर है जो कभी भी मैच को पलट सकता है। ईशान ऑस्ट्रेलिया पर 6 नंबर स्लॉट पर प्रैशर बना सकते हैं। मैं ईशान से कहना चाहता हूं कि अब बड़ा मौका तुम्हारा इंतजार कर रहा है। जिम्मेदारी के साथ खेलना है और खुद को शांत रखना है। पेशेंस के साथ खेलो, थोड़ी देर फील्ड पर समय बिताओ और फिर अपने नेचुरल शॉट खेलकर गेंदबाज पर दबाव बना दो। एग्रेसिव होकर खेलना है, लेकिन अपनी शैली चेंज नहीं करनी है।
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लाइफ में कभी डरना नहीं सीखा
मजूमदार ने कहा- ईशान की सबसे बड़ी ताकत उसकी हिम्मत है। वह ऐसा जिगर वाला प्लेयर है कि बचपन में उसे मैच खेलते हुए टांके लगे तो भी बैटिंग करने पहुंच गया। ईशान ने लाइफ में कभी डरना नहीं सीखा। इसलिए मेरा कहना है कि जब भी मौका मिले अपना बेस्ट दिखाओ। हमेशा नेचुरल एबिलिटी पर बिलीव रखो। बस अपना मोरल डाउन नहीं रखना है। जब आपने 200 रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकते हो तो कुछ भी कर सकते हो।
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