T20 World Cup 2026, Saurabh Netravalkar: भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने वाला है, जिसमें कुल 20 टीमें खिताब के लिए जंग करेंगी. वहीं, मुंबई में जन्मे USA के तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर को उस पल का बेसब्री से इंतजार है, जब वह 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ अपनी टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे. खास बात यह है कि यह वही मैदान है, जहां सौरभ ने एक क्रिकेटर बनने का सपना देखा था और अपने सफर की शुरुआत की थी.
मुंबई से की थी क्रिकेट सफर की शुरुआत
34 साल के सौरभ नेत्रवलकर ने साल 2013 में मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला था, जहां उन्हें सूर्यकुमार यादव और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला. इससे पहले वह 2010 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे, लेकिन उन्हें सीनियर टीम में जगह नहीं मिल पाई. इसके बाद क्रिकेट करियर को आगे बढ़ने के लिए सौरभ अमेरिका चले गए.
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उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की, नागरिकता ली और फिर अमेरिकी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन गए. सौरभ ने 2015 में अमेरिका जाकर प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल करने का फैसला किया. उस समय उन्हें खुद भी नहीं लगा था कि वे कभी दोबारा क्रिकेट खेलेंगे. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. वह अमेरिका की टीम से जुड़ गए और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भी खेले.
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वानखेड़े में खेलना भावुक पल होगा - सौरभ
सौरभ का कहना है कि जब वह एक बार फिर वानखेड़े स्टेडियम में कदम रखेंगे तो भावनाएं जरूर हावी होंगी. इस समय अमेरिकी टीम कोलंबो में अभ्यास कर रही है और वहीं से उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा कि वानखेड़े में खेलना उनके लिए बेहद खास और भावुक पल होगा.
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि वहां पहुंचकर मैं कैसा महसूस करूंगा, लेकिन इतना तय है कि यह पल भावुक होगा. ऐसा लगेगा जैसे जिंदगी का एक पूरा चक्कर पूरा हो गया हो. मैंने मुंबई में क्रिकेट शुरू किया, फिर खेल छोड़कर अमेरिका चला गया और कभी नहीं सोचा था कि दोबारा क्रिकेट, वो भी इंटरनेशनल, खेल पाऊंगा.” सौरभ ने इसे अपने करियर की “दूसरी पारी” बताया. उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें फिर से मुंबई में खेलने का मौका दिया है, जिससे कई पुरानी यादें ताजा हो जाएंगी.
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देश के लिए खेलना चाहता था
वहीं, नेत्रवलकर से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी अपने परिवार और दोस्तों के सामने वानखेड़े में खेलने का सपना देखा था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “कुछ हद तक हां. लेकिन मुझे इस तरह से खेलने का मौका मिलेगा इसके बारे में नहीं सोचा था. मैं मुंबई में ही पला-बढ़ा हूं और बचपन से मेरा सपना था कि देश के लिए खेलूं. मैच भी चाहता था कि मैं वानखेड़े में खेलूं. हम अंडर-15 के दिनों से ही वहां ट्रेनिंग करते रहे हैं.”