R Ashwin Retirement: टीम इंडिया के दिग्गज स्पिन गेंदबाज आर अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। सीरीज के बीच में ही अश्विन ने रिटायरमेंट घोषित कर दिया था। इस सीरीज में टीम इंडिया को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं अब अश्विन ने पहली बार अपने संन्यास पर चुप्पी तोड़ी है और रिटायरमेंट लेने की असली वजह भी बताई है।
अश्विन ने बताई संन्यास की वजह
अपने यूट्यूब चैनल पर राहुल द्रविड़ से बातचीत करते हुए आर अश्विन ने बताया कि "ऐसे टूर पर जाना और लंबे समय तक बाहर बैठना मेरे ऊपर हावी हो गया। मेरे दिमाग में हमेशा यही रहा कि मैं 35-36 साल की उम्र में आकर संन्यास ले लूंगा। मेरा मतलब यह नहीं है कि मैं टीम के लिए योगदान नहीं देना चाहता, आप सोच रहे होंगे की मैं घर पर रहकर बच्चों के साथ समय बिताना पसंद करूंगा।" अश्विन का मानना है कि वे बेंच पर बैठ-बैठकर थक गए थे।
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ऐसा रहा अश्विन का करियर
आर अश्विन ने टीम के इंडिया के लिए 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 मैच खेले थे। 106 टेस्ट मैचों में गेंदबाजी करते हुए आर अश्विन ने 537 विकेट चटकाए थे, इस दौरान उनका बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन एक मैच में 140 रन देकर 13 विकेट लेना रहा था। वहीं बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 3503 रन बनाए थे। जिसमें 14 अर्धशतक और 6 शतक शामिल थे।
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वहीं वनडे में अश्विन ने 156 विकेट चटकाए थे और बल्लेबाजी करते हुए 707 रन बनाए थे। जिसमें एक अर्धशतक शामिल था। वहीं टी20 में गेंदबाजी करते हुए 72 विकेट और बल्लेबाजी करते हुए 160 रन बनाए थे।
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